ट्रांसफर के बाद भी नहीं जॉइन की ड्यूटी, छत्तीसगढ़ में तीन जनपद सीईओ सस्पेंड

Chhattisgarh Janpad Ceo Suspension Transfer Orde : छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर आदेश की अनदेखी और नियम उल्लंघन पर पंचायत विभाग ने बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा के 3 जनपद सीईओ को सस्पेंड कर दिया।
Chhattisgarh Janpad Ceo Suspension Transfer Orde
छत्तीसगढ़ जनपद सीईओ निलंबन स्थानांतरण आदेशसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • छत्तीसगढ़ में तबादला आदेश की अनदेखी पर बड़ा एक्शन हुआ है।

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया।

  • बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा जिले के सीईओ पर गाज गिरी है।

  • अधिकारियों ने तय समय पर नई जगह ज्वाइन नहीं किया था।

Chhattisgarh Government Action Against Transfer Default : प्रशासन में अनुशासन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। सरकारी आदेशों का पालन करना हर अधिकारी का कर्तव्य है। छत्तीसगढ़ में तीन अधिकारियों ने तबादला आदेश की अनदेखी की। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीनों को निलंबित कर दिया। बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा जिले में यह कार्रवाई हुई है। निलंबित अधिकारियों में प्रदीप प्रधान, दीप्ति मंडावी और सत्यव्रत तिवारी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों पर नियम तोड़ने के आरोप लगे हैं।

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नई पदस्थापना पर नहीं पहुंचे अफसर

प्रदीप प्रधान मुंगेली जिले के पथरिया में पदस्थ थे। उनका तबादला जिला पंचायत सूरजपुर में किया गया था। आदेश के मुताबिक उन्हें 10 दिन में ज्वाइन करना था। मुंगेली जिला पंचायत ने 27 फरवरी को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने 30 सितंबर तक पदभार नहीं ग्रहण किया।

इसी तरह दीप्ति मंडावी बेरला जनपद में पदस्थ थीं। उनका तबादला बेमेतरा जिला पंचायत में हुआ था। उन्हें 10 दिन के भीतर नई जगह पहुंचना था। उन्हें उसी दिन पुरानी जगह से रिलीव भी कर दिया गया। इसके बाद भी वह साढ़े तीन महीने तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं।

कर्मचारी को रिलीव न करना पड़ा भारी

तीसरा मामला बिलासपुर के तखतपुर का है। यहाँ के जनपद सीईओ सत्यव्रत तिवारी पर अलग वजह से कार्रवाई हुई है। उन्होंने अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारी को ट्रांसफर के बाद भी रिलीव नहीं किया था।

दरअसल, विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रीय का तबादला तखतपुर से लोरमी हुआ था। सरकारी आदेश के मुताबिक सीईओ को 10 दिन के भीतर उन्हें नई जगह के लिए छोड़ना था। सीईओ ने इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद विभाग ने उन्हें भी निलंबित कर दिया।

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