नया रायपुर में किसानों ने प्रदर्शन के जरिए भरी हुंकार।
आंदोलन के तहत महानदी भवन के घेराव का आह्वान।
धान की खरीदी 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से देने की मांग।
रायपुर के बाद अब धमतरी में होगा प्रदर्शन।
Chhattisgarh Farmers Protest: छत्तीसगढ़ में किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन तेज होने लगा है। राजधानी के नया रायपुर में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने अन्नदाता गर्जना रैली के जरिए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलन के तहत महानदी भवन के घेराव का आह्वान किया गया है। किसान संगठनों का दावा है कि इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों किसान रायपुर पहुंच रहे हैं।
किसानों का मुख्य मुद्दा बकाया राशि का भुगतान और धान खरीदी की दर है। प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि 6,066 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाए। इसके साथ ही धान की खरीदी 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति और खेती की लागत को देखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अन्नदाता गर्जना रैली के जरिए किसान सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाना चाहते हैं। आंदोलन से जुड़े किसानों का जोर इस बात पर है कि बकाया भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक योजनाएं प्रभावित होती हैं। खेती के लिए खाद, बीज, कृषि उपकरण और मजदूरी पर होने वाले खर्च के बीच समय पर भुगतान किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। धान खरीदी की दर को लेकर भी किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। अब इस प्रदर्शन के जरिए किसान सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीय किसान संघ की आंदोलन रणनीति केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 27 अक्टूबर को रायपुर और 28 अक्टूबर को धमतरी में आंदोलन किया जाना है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। अब इस आंदोलन के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है। बकाया भुगतान और धान खरीदी की दर को लेकर उठ रही आवाजों के बीच किसानों और सरकार के बीच बातचीत होती है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है, इस पर सबकी नजरें रहेंगी।