डिजिटल प्रचार के नाम पर किया जा रहा सरकारी धन का दुरूपयोग।
चुनिंदा एजेंसियों को पहुंचाया जा रहा लाभ।
भुगतान का विवरण को करें सार्वजनिक।
मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा में है।
राज्य सरकार का पक्ष आना है बाकी।
GST And Registration Department Raipur : छत्तीसगढ़ के GST और पंजीयन विभाग में सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल प्रचार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले में साय सरकार पर निशाना साधते हुए सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता की कमी और चुनिंदा एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने विशेष रूप से Span India नामक कंपनी को दिए गए कार्यों और भुगतान पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट और विभिन्न डिजिटल गतिविधियों के नाम पर जनता के टैक्स का पैसा अनावश्यक रूप से खर्च किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन (CBC) की निर्धारित गाइडलाइन, नियमों और एम्पैनल्ड दरों को नजरअंदाज करते हुए करोड़ों रुपये के वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। कांग्रेस ने इन कार्यों के लिए अपनाई गई प्रक्रिया और खर्च की वास्तविक उपयोगिता पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता वर्मा ने कहा कि सरकार एक ओर सुशासन, पारदर्शिता और मितव्ययिता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों के बजट का इस्तेमाल जनहित के बजाय मंत्रियों की छवि चमकाने और चुनिंदा एजेंसियों को फायदा पहुंचाने में किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ बताते हुए वित्तीय नियमों के पालन पर सवाल उठाए।
उन्होंने सवाल किया कि यदि डिजिटल कार्यों के लिए एजेंसी का चयन नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया गया है, तो CBC की निर्धारित प्रक्रिया से अलग जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? संबंधित कार्यों की उपयोगिता और उन पर खर्च की गई राशि का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है?
प्रदेश कांग्रेस ने Span India के साथ हुए अनुबंध, एजेंसी को सौंपे गए कार्यों, उनकी वास्तविक लागत और अब तक किए गए भुगतानों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके साथ ही पूरे मामले में संबंधित विभागीय मंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल जनता के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत प्रचार या किसी एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने में।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा में है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग, Span India कंपनी और राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।