बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला गरमाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने लगाए कई गंभीर आरोप।
कांग्रेस बोली- कुपोषण से हुई बच्चों की मौत।
कांग्रेस की जांच कमेटी ने गांव पहुंचकर की मामले की पड़ताल।
Chhattisgarh Five Baiga Tribals Childe Death: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रेंगाखार क्षेत्र के नंदनी कुमान गांव में पांच बैगा आदिवासी बच्चों की कुपोषण से मौत होने का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश की जबकि स्थानीय पत्रकारों ने इसे सामने लाकर जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर खींचा।
दीपक बैज के मुताबिक मामले की पड़ताल के लिए कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यीय जांच दल गठित किया था। टीम ने गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों, बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत की। जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके परिजनों से भी चर्चा की गई। बैज का कहना है कि जांच दल को स्थानीय स्तर पर बच्चों की मौत की जानकारी मिली और पांच बच्चों की मौत की पुष्टि हुई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में पिछले पांच महीने से कुपोषण और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार, एनीमिया और डायरिया जैसी बीमारियों से भी बच्चे प्रभावित हैं। उन्होंने दावा किया कि एक जून से 23 अक्टूबर 2026 तक के रिकॉर्ड में 105 बच्चों के कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से जूझने की जानकारी सामने आई है। वहीं, गांव में 10 बच्चे अब भी कुपोषण से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
दीपक बैज ने गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत के बावजूद शासन-प्रशासन ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए। बैज ने यह भी कहा कि क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी प्रभावित गांव का दौरा नहीं किया।
इस मामले ने आदिवासी क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, बच्चों की मौत के कारणों, प्रभावित बच्चों की वास्तविक संख्या और सरकारी स्तर पर उठाए गए कदमों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और जांच से होना बाकी है।