अचानक वेबसाइट के बंद होने से मचा हड़कंप।
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के डिजिटल व्यवस्था पर उठे सवाल।
अधिकारियों ने नहीं दी जानकारी।
शिक्षकों और आम जन लोगों की बढ़ी परेशानी।
Chhattisgarh Textbook Corporation Website Down: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की वेबसाइट अचानक बंद हो गई है। साइट नहीं खुलने से कई तरह के काम अटक गए हैं। वहीं दूसरी ओर वेबसाइट के बंद होने को लेकर अधिकारियों ने इसकी वजह स्पष्ट नहीं की है। ऐसे में अचानक डिजिटल व्यवस्था के ठप हो जाने से पाठ्य पुस्तक निगम पर कई सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि पाठ्य पुस्तक निगम का काम सीधे तौर पर प्रदेश की सरकारी स्कूल व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
निगम से संबंधित टेंडर, पुस्तकों की छपाई, प्रकाशन, आपूर्ति, डिपो में उपलब्धता और स्कूलों तक वितरण जैसी जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहना महत्वपूर्ण है। वहीं अचानक वेबसाइट के बंद होने से आम लोगों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों की ऑनलाइन पहुंच प्रभावित हो रही है। खासकर तब जब सरकारी संस्थाओं में अधिकांश सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पाठ्य पुस्तक निगम की वेबसाइट बंद होने की असल वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह तकनीकी कारणों से बंद किया गया है या नई वेबसाइट पर स्थानांतरित किया गया है। इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। यदि नई वेबसाइट शुरू की गई है तो पुराने वेब पते से उपयोगकर्ताओं को नई वेबसाइट तक पहुंचाने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वहीं यदि वेबसाइट को अपग्रेड किया जा रहा है तो इसके लिए कितना समय निर्धारित किया गया है और पुराने पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं को किस प्रकार संरक्षित किया गया है यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ वेबसाइट की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है वहीं दूसरी तरफ पाठ्यपुस्तकों के वितरण को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए TBC CG नाम से मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एप में डिपो से स्कूल तक पुस्तकों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, बारकोड स्कैनिंग और डिलीवरी रिपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। एप को जुलाई 2026 में अपडेट किए जाने की जानकारी भी उपलब्ध है। यह संकेत मिल रहे कि निगम की ओर से पुस्तक वितरण प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि वितरण की डिजिटल निगरानी के साथ-साथ निगम से संबंधित सार्वजनिक दस्तावेजों और सूचनाओं को आम लोगों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।