

Highlights:
अभिजीत दिपके दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के पास अपने गांव वापस लौटे।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने ₹50,000 का श्योरिटी बॉन्ड भरने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के साथ रिहा किया।
CJP Leaders Released: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने गांव जा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है। उनकी मां, अनीता दिपके ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे, को उनकी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई, और उन्होंने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा या है।
सोशल मीडिया एक्स पर अभिजीत दिपके की ओर से किए गए एक पोस्ट में लिखा था: "दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए मैं अपने गांव लौट रहा हूं। सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। CJP न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी। 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के तौर पर याद किया जाएगा।"
रविवार को जारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा, "एक बड़ी कानूनी जीत में, दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने CJP नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें लगभग 24 घंटे तक गैर-कानूनी रूप से प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में रखा था।"
इन नेताओं को रविवार सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने ₹50,000 का श्योरिटी बॉन्ड भरने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने का वचन देने पर उनकी रिहाई का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद, CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने उनकी रिहाई की पुष्टि की। इस बीच, पार्टी नेतृत्व ने आज दोपहर 2:00 बजे नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है, जहां वे इस गैर-कानूनी कार्रवाई के बारे में मीडिया को संबोधित करेंगे और पार्टी के आगामी लोकतांत्रिक आंदोलन के बारे में जानकारी देंगे।
गौरतलब है कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन शनिवार को हिंगोली जिले में उनके पैतृक गांव, संटुक पिंपरी में हुआ था। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। रविवार को मीडिया से बात करते हुए अभिजीत डिपके की मां, अनीता डिपके ने कहा, "अगर अभिजीत को कल रिहा कर दिया जाता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। अब वह उनका चेहरा आखिरी बार देख भी नहीं पाएगा।"
अनीता दिपके ने आगे कहा, "उसने ऐसा क्या अपराध किया कि उसे अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत भी नहीं दी गई? उसने क्या गुनाह किया है? क्या वह आतंकवादी या देशद्रोही है? सरकार तो अपराधियों को भी खुद रिहा कर देती है। मेरे बेटे ने क्या गलत किया? उसे हवाई जहाज से लाया गया, फिर भी उसे अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई।"
- एजेंसी इनपुट के साथ