रायपुर पावर एंड स्टील के एम विनोद कुमार गर्ग सोर्स : सोशल मीडिया
रायपुर

BSP स्क्रैप चोरी मामला: रायपुर पावर एंड स्टील के MD विनोद कुमार गर्ग को कोर्ट से मिली जमानत

BSP Scrap Theft Case : भिलाई इस्पात संयंत्र स्क्रैप चोरी मामले में रायपुर पावर एंड स्टील के MD विनोद कुमार गर्ग को चोरी का माल कंपनी में खपाने के आरोप के बाद कोर्ट से जमानत मिल गई।

ऐश्वर्या द्विवेदी

BSP Scrap Theft Case Latest News Update: भिलाई इस्पात संयंत्र से बड़े पैमाने पर स्क्रैप की चोरी हुई थी। चोरी का माल रसमड़ा की एक निजी कंपनी में भेजा जा रहा था। पुलिस ने जांच के बाद रायपुर पावर एंड स्टील के MD को पकड़ा। आरोपी विनोद कुमार गर्ग को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। अब स्थानीय अदालत ने आरोपी MD की जमानत मंजूर कर ली है।

जमानत मिलने से मिली बड़ी राहत

भिलाई इस्पात संयंत्र स्क्रैप चोरी कांड में नया मोड़ आया है। अदालत ने आरोपी उद्योगपति विनोद कुमार गर्ग को राहत दे दी है। रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के MD को जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद उद्योग जगत में हलचल तेज हो गई है।

पुलिस ने कुछ दिन पहले ही उन्हें गिरफ्तार किया था। उन पर चोरी का स्क्रैप खरीदने का गंभीर आरोप लगा था। जमानत याचिका पर कोर्ट में लंबी बहस देखने को मिली। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई अहम तथ्य रखे।

रसमड़ा प्लांट से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला भिलाई संयंत्र से स्क्रैप गायब होने का है। संयंत्र से कीमती धातुओं की चोरी की जा रही थी। पुलिस को जांच में रसमड़ा स्थित कंपनी का सुराग मिला। चोरी का सामान इसी फैक्ट्री में खपाया जा रहा था।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई थी। जांच टीम ने कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। सबूत मिलने के बाद मैनेजिंग डायरेक्टर (MD – Managing Director) को नामजद किया गया। इसके बाद पुलिस ने गर्ग को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस जांच में खुले कई राज

भिलाई पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। चोरी के नेटवर्क में कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। संयंत्र के अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जारी है। सिक्योरिटी सिस्टम पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की थी। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। पुलिस अब मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

उद्योग जगत की टिकी हैं निगाहें

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सबकी नजर बनी हुई है। भिलाई और रायपुर के उद्योगपति इस खबर पर नजर रखे हैं। प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है। संयंत्र प्रशासन ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।

अदालत से राहत मिलने के बाद बचाव पक्ष राहत महसूस कर रहा है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया अभी लंबी चलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए सबूत जुटाने में लगी है। इस घटना से स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में काफी हड़कंप मचा है।

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