पूर्व माओवादी महिलाओं का रैंप वॉक Social Media
छत्तीसगढ़

सिलाई के नाम पर लाए, जबरन कराया रैंप वॉक...पूर्व माओवादी महिलाओं का बड़ा दावा, रायपुर फैशन शो पर मचा बवाल!

Handloom Fashion Show: रायपुर के फैशन शो में पूर्व माओवादी महिलाओं की रैंप वॉक पर विवाद हो गया। महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर लाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया।

अर्पित शुक्ला

Handloom Fashion Show Ex Maoist Women Ramp Walk: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 7 अगस्त को आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो करीब एक सप्ताह बाद वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए फैशन शो रखा गया था। इसमें रैंप वॉक करने वाली महिलाओं की पहचान को लेकर खास चर्चा हुई, क्योंकि इनमें कथित तौर पर आत्मसमर्पण कर चुकीं पूर्व माओवादी महिलाएं भी शामिल थीं।

राज्य सरकार ने इसे मुख्यधारा में लौट चुकी महिलाओं के सशक्तिकरण और पुनर्वास के उदाहरण के तौर पर पेश किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि बस्तर में नया अध्याय शुरू हो रहा है और जिन हाथों में कभी हथियार थे, वे अब सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद की नई कहानी बुन रहे हैं।

हालांकि, रैंप वॉक में शामिल कुछ पूर्व माओवादी महिलाओं ने अलग दावा किया है। एक न्यूज पोर्टल द वायर से बातचीत में चार महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर सुकमा से रायपुर ले जाया गया था और वहां पहुंचने के बाद उन्हें फैशन शो के लिए रैंप वॉक की ट्रेनिंग दी गई।

‘सिलाई सिखाने के नाम पर लेकर गए थे’

महिलाओं के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि जगदलपुर में सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लेकिन रायपुर पहुंचने के बाद उन्हें रैंप वॉक की ट्रेनिंग दी जाने लगी।

उनमें से एक महिला ने दावा किया कि अगर उसे पहले से बताया गया होता कि उसे फैशन शो में हिस्सा लेना है, तो वह वहां जाने से मना कर देती। एक अन्य महिला के मुताबिक, उन्होंने फैशन शो में हिस्सा लेने के लिए पहले ही जानकारी मिलने पर जाने से इनकार कर दिया होता।

रिपोर्ट के अनुसार, सुकमा से कुल 10 महिलाएं रायपुर लाई गई थीं। इनमें 9 महिलाएं ऐसी थीं, जिन्होंने अलग-अलग समय पर आत्मसमर्पण किया था और सुकमा स्थित पुलिस संचालित पुनर्वास केंद्र में रह रही थीं। एक महिला पुलिसकर्मी भी उनके साथ थी।

रायपुर में दी गई रैंप वॉक की ट्रेनिंग

महिलाओं के अनुसार, उनका समूह 1 अगस्त को रायपुर पहुंचा और उन्हें एक होटल में ठहराया गया। इसके बाद 2 से 6 अगस्त तक उन्हें रैंप वॉक की ट्रेनिंग दी गई। महिलाओं का दावा है कि मुंबई से आए कुछ लोगों ने उन्हें प्रशिक्षण दिया।

उनका कहना है कि उन्हें रैंप वॉक के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और वे इस बात को लेकर हैरान थीं कि सिलाई प्रशिक्षण के बजाय उन्हें फैशन शो की तैयारी क्यों कराई जा रही है।

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