झीरम घाटी जांच आयोग पर हाईकोर्ट में बड़ी सुनवाई।
21 दिसंबर को हाईकोर्ट सुनाएगा अंतिम फैसला।
दूसरे जांच आयोग के गठन को मिली चुनौती।
हाईकोर्ट ने मई 2022 से लगा रखी है रोक।
चीफ जस्टिस की बेंच करेगी मामले की अंतिम सुनवाई।
Jhiram Ghati High Court Hearing : झीरम घाटी नक्सली हमले की जांच पर हाईकोर्ट 21 दिसंबर को सुनवाई करेगा। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2021 में नया जांच आयोग बनाया था। पहला आयोग जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में बना था। पहला आयोग अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को पहले ही सौंप चुका था। भाजपा नेता धरमलाल कौशिक ने दूसरे आयोग को चुनौती दी है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में झीरम घाटी मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की। चीफ जस्टिस कृष्णाराम महापात्र की पीठ ने यह आदेश दिया। जस्टिस संतोष शर्मा भी इस खंडपीठ में शामिल रहे। अदालत ने माना कि इसमें गंभीर कानूनी सवाल जुड़े हैं। इसलिए मामले पर विस्तार से सुनवाई की जरूरत है।
भाजपा (BJP) नेता धरमलाल कौशिक ने याचिका लगाई है। उन्होंने दूसरे जांच आयोग के गठन पर सवाल उठाए हैं। उनकी दलील है कि पहला आयोग रिपोर्ट दे चुका है। ऐसे में नए आयोग की कोई आवश्यकता नहीं थी। हाईकोर्ट (HC) ने मई 2022 में जांच पर रोक लगाई थी। यह रोक अब तक लगातार बरकरार है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील मौजूद नहीं थे। उन्होंने सुनवाई टालने की मांग कोर्ट से की। वहीं हस्तक्षेप याचिकाकर्ता के वकील सुदीप श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नए बिंदुओं की जांच का अधिकार सरकार को है। इसलिए रोक हटाकर याचिका खारिज की जानी चाहिए। राज्य सरकार के वकील ने निर्देश प्राप्त करने का समय मांगा।
वर्ष 2021 में कांग्रेस सरकार ने नया आयोग बनाया था। इसमें सेवानिवृत्त जजों को शामिल किया गया था। जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस मिनहाजुद्दीन को जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन पहले आयोग की रिपोर्ट को सरकार ने नहीं स्वीकार किया था। अब 21 दिसंबर को तय होगा कि नया आयोग काम करेगा या नहीं।