Chhattisgarh School Exam System Change : स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल वार्षिक परीक्षा से बच्चों का रिजल्ट तय नहीं होगा। त्रैमासिक और छमाही परीक्षा के अंक भी फाइनल मार्कशीट में जुड़ेंगे। पहली से ग्यारहवीं कक्षा तक के छात्रों पर नया नियम लागू होगा। शासन का मानना है कि इससे परीक्षा का मानसिक दबाव कम होगा।
स्कूली छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब परीक्षा व्यवस्था बदली नजर आएगी। अंतिम महीने में रट्टा मारकर पास होना मुश्किल होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी कर दिया है।
पहली से ग्यारहवीं कक्षा तक बदलाव मंजूर हुआ है। वार्षिक रिजल्ट अब सिर्फ आखिरी परीक्षा से नहीं बनेगा। सालभर होने वाली परीक्षाओं का वेटेज भी अनिवार्य होगा। छात्रों को सत्र की शुरुआत से मेहनत करनी होगी।
शासन का मानना है कि इससे मानसिक दबाव घटेगा। छात्र सालभर लगन से अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। उप सचिव नीलम टोप्पो ने आधिकारिक आदेश जारी किया। प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक कक्षाओं की जिम्मेदारी तय है। लोक शिक्षण संचालनालय इसे लागू कराएगा। आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। नवीन व्यवस्था से बच्चों की उपस्थिति भी सुधरेगी।
हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी के लिए प्रस्ताव तैयार है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल को पत्र भेजा है। बोर्ड के नियमों में इसे शामिल किया जाएगा।
कक्षा 1 से 4, 6वीं और 7वीं में खास ध्यान है। त्रैमासिक परीक्षा का 20% अंक जुड़ेगा। छमाही परीक्षा का 20% अंक जोड़ा जाएगा। वार्षिक परीक्षा का 60% अंक शामिल होगा। वार्षिक परीक्षा में बच्चे को केवल 60% अंक चाहिए। बाकी 40% अंक बच्चा पहले ही जुटा चुका होगा।
कक्षा 5वीं और 8वीं का नियम अलग रखा गया है। त्रैमासिक परीक्षा के अंक सीधे नहीं जुड़ेंगे। छमाही परीक्षा का 30% अंक फाइनल में जुड़ेगा। वार्षिक परीक्षा का 70% हिस्सा इसमें शामिल रहेगा।
कक्षा 9वीं और 11वीं में भी 30-70 का नियम लागू होगा। छमाही परीक्षा का 30% अंक जोड़ा जाएगा। वार्षिक परीक्षा का 70% अंक फाइनल में लगेगा। मेरिट और बेहतर स्ट्रीम के लिए गंभीर रहना होगा।