छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया अब बदल गई है।
फर्जी कार्ड रोकने के लिए खाद्य विभाग ने नई व्यवस्था बनाई है।
आवेदकों को बैंक और संपत्ति की पूरी जानकारी देनी होगी।
आवेदन फॉर्म में कुल 40 अलग बिंदुओं को शामिल किया गया है।
इसका उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंदों तक ही खाद्यान्न पहुंचाना है।
Ration Card Verification Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड बनवाने के नियमों को सख्त कर दिया गया है। खाद्य विभाग ने राज्य में डिजिटल एवं स्मार्ट पीडीएस 2.0 लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत आवेदन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
अब फर्जी राशन कार्डों पर पूरी तरह से रोक लगाने की योजना है। विभाग अपात्र हितग्राहियों की पहचान आसानी से कर सकेगा। इससे राज्य के वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
बीपीएल और एपीएल के नियम बदल चुके हैं। अब राशन कार्ड आवेदन फॉर्म में 40 अलग बिंदुओं पर जानकारी मांगना अनिवार्य है। परिवार के सभी सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी देना जरूरी होगा।
इसके साथ ही बैंक खाते, कुल संपत्ति और आवास का विवरण भी दर्ज करना होगा। आवेदक को अपने घर में मौजूद सुविधाओं की जानकारी भी देनी पड़ेगी। यह सारा विवरण ऑनलाइन जांच के लिए इस्तेमाल किया जाएगा
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र परिवारों को सस्ता खाद्यान्न मिलता है। लेकिन कई बार अपात्र लोग भी फर्जी राशन कार्ड बनवा लेते हैं। इस वजह से वास्तविक गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
इसी समस्या को दूर करने के लिए खाद्य विभाग ने कदम उठाया है। नई व्यवस्था से आवेदकों की पात्रता की सही जांच हो सकेगी। डाटा सही मिलने पर फर्जीवाड़ा होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
नया नियम लागू होने के बाद आवेदन करते समय सतर्कता बरतनी होगी। फॉर्म में मांगी गई हर एक जानकारी को बिल्कुल सही और स्पष्ट भरें। गलत या अधूरी जानकारी देने पर आवेदन खारिज हो सकता है।
सत्यापन के दौरान गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए आवेदक अपने सभी दस्तावेज और विवरण सही तरीके से जांच लें। तभी राशन कार्ड का सत्यापन बिना किसी बाधा के पूरा होगा।