

छत्तीसगढ़ में 360 नए धान उपार्जन केंद्र स्वीकृत
धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर हुई 3100
दो लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
घर बैठे मोबाइल एप से मिलेगा टोकन
Chhattisgarh Paddy Procurement : छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को हरसंभव सहूलियत देना है। अब किसानों को अपनी उपज बेचने दूर नहीं जाना होगा।
प्रदेश में कुल 360 नए धान उपार्जन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इससे पहले इनकी संख्या 2740 थी। अब नए केंद्र जुड़ने से यह आंकड़ा 3100 तक पहुंच गया है। दो लाख से अधिक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। छोटे और सीमांत किसानों को इससे सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।
दूर केंद्र होने पर किसानों को भारी परिवहन खर्च उठाना पड़ता था। नए केंद्र घर के नजदीक होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी। उपार्जन केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारें भी कम होंगी। तौल और गुणवत्ता परीक्षण का काम तेजी से हो सकेगा।
सरकार ने खरीदी से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। समितियों में 2 से 5 नवंबर तक ट्रायल रन होगा। इससे तकनीकी कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा। 10 नवंबर से किसानों को टोकन मिलने शुरू हो जाएंगे।
धान बेचने के लिए किसानों को अब समितियों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार ने तुंहर टोकन मोबाइल एप की सुविधा दी है। किसान घर बैठे चौबीस घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे केंद्रों पर भीड़भाड़ से पूरी तरह निजात मिलेगी।
15 नवंबर 2026 से धान खरीदी की शुरुआत होगी। यह प्रक्रिया 15 जनवरी 2027 तक निरंतर जारी रहेगी। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को भुगतान समय पर मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसानों की संतुष्टि ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।