15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी।
सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का रखा लक्ष्य।
मस्तूरी विकासखंड के सरसेनी गांव में खुलेगा खरीदी केंद्र।
क्षेत्र के 784 किसानों को होगा फायदा।
Chhattisgarh New Paddy Procurement: धान बेचने के लिए अब किसानों को कई किलोमीटर दूर तक उपज ढोने और वाहन किराए पर लेने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। मस्तूरी विकासखंड के सरसेनी गांव में इस खरीफ सीजन से नया धान खरीदी केंद्र शुरू किया जा रहा है। इससे सरसेनी, बकरकुदा और मटिया के 784 किसानों को फायदा होगा। अब तक इन गांवों के किसानों को धान बेचने के लिए जैतपुर जाना पड़ता था।
बिलासपुर जिले में किसानों की सुविधा के लिए 14 नए धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही जिले में खरीदी केंद्रों की संख्या 140 से बढ़कर 154 हो गई है। इन केंद्रों के जरिए किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही परिवहन पर होने वाला खर्च और समय भी बचेगा। राज्य सरकार के मुताबिक, किसानों को धान का 3,100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता के साथ खरीदी व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।
सरसेनी की सरपंच आंचल नारायण सोल्डे के मुताबिक, गांव के किसानों को पहले करीब आठ किलोमीटर दूर जैतपुर जाकर धान बेचना पड़ता था। वहीं, मटिया के किसानों को लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। सीमित उपज वाले छोटे किसानों के लिए वाहन किराए पर लेना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता था। नया केंद्र खुलने से किसानों को उपज बेचने के लिए वाहन की व्यवस्था करने और लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी। किसानों का कहना है कि इससे खेती-किसानी के दूसरे कामों के लिए भी समय बच सकेगा।
सरसेनी में खुलने वाले केंद्र से कुल 784 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें 766 पुराने पंजीकृत किसान और लगभग 18 नए पंजीकृत किसान शामिल हैं। किसान मालिक राम कैवर्त और मटिया के किसान राधेश्याम चंदेल ने भी गांव के पास खरीदी केंद्र खुलने पर खुशी जताई है।
नया केंद्र सरसेनी सेवा सहकारी समिति मर्यादित के अधीन संचालित होगा। इसका पंजीयन क्रमांक 805 है और इससे मल्हार सहकारी बैंक शाखा संबद्ध है। इस खरीफ सीजन में धान खरीदी लगभग 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। नया केंद्र शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के लिए दूर जाने की मजबूरी कम होगी। खासकर छोटे किसानों के लिए यह सुविधा परिवहन खर्च घटाने और समय बचाने में मददगार साबित हो सकती है।