बिलासपुर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिलासपुर

छत्तीसगढ़ की जेलों में भर्ती में हो रही देरी पर हाईकोर्ट सख्त, DG जेल और DGP से मांगा जवाब

Bilaspur High Court Jail Recruitment: कोर्ट ने डीजी जेल से शपथपत्र देकर बताने को कहा है कि जेलों में रिक्त पदों पर भर्ती कब तक पूरी होगी। ओपन जेल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल कब तक उपलब्ध कराया जाएगा।

घनश्याम गंधर्व, चंदू निर्मलकर

Highlights

  • ओपन जेल की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त।

  • हाईकोर्ट ने पूछा जेलों में रिक्त पदों पर भर्ती कब तक पूरी होगी।

  • चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच ने की सुनवाई।

  • अब अगली सुनवाई में हो सकता है बड़ा फैसला।

Chhattisgarh High Court Jail Recruitment: छत्तीसगढ़ की जेलों में खाली पदों पर भर्ती और बेमेतरा के पथर्रा गांव स्थित ओपन जेल की सुरक्षा को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने डीजी जेल से शपथपत्र देकर बताने को कहा है कि जेलों में रिक्त पदों पर भर्ती कब तक पूरी होगी। वहीं, ओपन जेल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल कब तक उपलब्ध कराया जाएगा, इस पर डीजीपी से भी जवाब मांगा गया है।

धीमी रफ्तार पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान भर्ती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। शासन की ओर से बताया गया कि बेमेतरा जेल की सुरक्षा के लिए अब तक आवश्यक सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस पर कोर्ट ने डीजीपी को भी शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

48 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव, फिर भी इंतजार

पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया था कि पथर्रा में ओपन जेल शुरू करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। 14 जुलाई 2026 के नोटिफिकेशन के जरिए जेल की स्थापना की गई, जबकि 13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026 अधिसूचित किए गए। सरकार के मुताबिक, जेल के संचालन के लिए 48 पद सृजित करने और सीधी भर्ती की अनुमति का प्रस्ताव भेजा गया है। जेल अधीक्षक समेत जरूरी कर्मचारियों की पदस्थापना के लिए भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति को लेकर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं।

सुरक्षा के लिए कई बार मांगी गई फोर्स

ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक कंपनी तैनात करने का अनुरोध डीजीपी से कई बार किया गया है। इसके बावजूद सुरक्षा बल की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। सरकार ने यह भी बताया कि पात्र कैदियों की पहचान और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कैदियों को कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने के लिए संबंधित संस्थानों से समन्वय किया जा रहा है।

अब हाईकोर्ट ने भर्ती और सुरक्षा, दोनों मामलों में समयसीमा स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों से शपथपत्र मांगा है। अगली सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि रिक्त पदों पर भर्ती और ओपन जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।

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