जीवन में असफलता से घबराने की जरूरत नहीं: राज्यपाल।
राज्यपाल शामिल हुए ओपन यूनिवर्सिटी के 7वें दीक्षांत समारोह में।
डिप्टी सीएम अरुण साव भी कार्यक्रम में रहे मौजूद।
72 विद्यार्थियों को मिले 119 स्वर्ण पदक।
5 रिसर्च स्कॉलर्स को देंगे पीएचडी की उपाधि।
Chhattisgarh Governor Ramen Deka Bilaspur Visit: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है। अपनी गलतियों से सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। दूसरों की नकल और तुलना करने के बजाय अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखें। शिक्षा का मकसद सिर्फ व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए।
राज्यपाल मंगलवार को बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। समारोह में पिछले पांच वर्षों के 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं। इस दौरान राज्यपाल ने उपाधि और पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज के दौर में रोजगार और आजीविका के कई नए अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर उसी दिशा में मेहनत करनी चाहिए। जीवन में अपनी जगह खुद बनानी पड़ती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर दें।
उन्होंने डिजिटल तकनीक और इंटरनेट को ज्ञान हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साथ ही युवाओं को डिजिटल उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी।
राज्यपाल ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए बड़े पद या बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना, पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना भी बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हर व्यक्ति को जीवन में ऐसा काम जरूर करना चाहिए, जिसका उद्देश्य सिर्फ लेन-देन नहीं, बल्कि समाज को कुछ बेहतर देना हो।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग समाज के विकास में करें। पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों के लिए शिक्षा का बड़ा माध्यम बना है, जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के कारण नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते।
उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक की ए-प्लस ग्रेडिंग मिलने पर बधाई दी। साथ ही युवाओं से असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकार कर लगातार प्रयास करते रहने की अपील की।
विश्वविद्यालय के कुलपति वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने संस्थान की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 12 नए ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस वर्ष 35 नए अध्ययन केंद्र भी खोले गए हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 40 अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की गई है।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित की गई है। इसके तहत एक साल में 5,707 शिकायतें प्राप्त हुईं। वहीं, विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद देने के लिए वेबसाइट पर 913 शैक्षणिक वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ी और जनजातीय भाषाओं में शोध कार्य को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
समारोह में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा और नेक अध्यक्ष नागेश्वर राव ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका 'अभ्युदय' का विमोचन किया गया। वहीं, एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल और अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं अभिभावक मौजूद रहे।