Bilaspur High Court Election Petition Hearing : भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने याचिका को सीधे खारिज कर दिया। यह मामला पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय बघेल ने याचिका दायर की थी। अब बिलासपुर हाईकोर्ट 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला पाटन विधानसभा क्षेत्र के चुनाव से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कानूनी हलचल तेज हो गई है।
अब यह मामला बिलासपुर उच्च न्यायालय में लगातार जारी रहेगा। उच्च न्यायालय में मामले की प्रक्रिया नियम के तहत चलेगी। चुनाव से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखनी होगी। अदालत सभी दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आगे बढ़ेगी।
भाजपा नेता और विधायक विजय बघेल ने चुनाव को चुनौती दी है। उन्होंने वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं। विजय बघेल ने पाटन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।
उन्होंने भूपेश बघेल के निर्वाचन को सीधे रद्द करने की मांग की।
याचिका में नियम उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया गया है। आरोप है कि प्रचार समय समाप्त होने के बाद भी गतिविधियां जारी थीं। निषेध अवधि के दौरान नियमों की अनदेखी करने की बात कही गई है। इस आधार पर चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी गई है।
भूपेश बघेल ने याचिका को शुरुआत में खारिज करने की मांग की थी। उनके वकीलों ने इसे आधारहीन बताकर रद्द करने का तर्क दिया। हालांकि उच्च न्यायालय ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। भूपेश बघेल ने इसके खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। शीर्ष अदालत ने याचिका को तुरंत खारिज कर दिया।
अब बिलासपुर उच्च न्यायालय में सुनवाई की नई तारीख तय हुई है। आगामी 5 अक्टूबर को मामले में साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। अदालत के सामने सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। चुनाव याचिकाकर्ता अपने पक्ष के सबूत अदालत में पेश करेगा।
गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया अदालत में पूरी की जाएगी। दोनों पक्षों के वकील अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। यह कानूनी लड़ाई अभी काफी लंबी चल सकती है। मामले में अभी अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।