वकीलों का कैंडल मार्च सोर्स - नवभारत लाइव
भिलाई

भिलाई में महिला अधिवक्ता की मौत पर आक्रोश, हाईटेक अस्पताल के खिलाफ वकीलों ने निकाला कैंडल मार्च

Bhilai Balveer Kaur Death Case : महिला अधिवक्ता की मौत के मामले में भिलाई में विरोध तेज हो गया है। अधिवक्ताओं ने हिंदू युवा मंच और शिव जी अर्पण सेवा समिति के साथ मिलकर कैंडल मार्च निकाला।

ऐश्वर्या द्विवेदी

Highlights

  • हाईटेक अस्पताल तक निकाला कैंडल मार्च

  • प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

  • माइनर ऑपरेशन के दौरान हुई थी महिला अधिवक्ता की मौत

  • एक करोड़ रुपये का मुआवजा की मांग

  • अस्पताल प्रबंधन की ओर से कानूनी पैरवी नहीं करेंगे

Bhilai Lawyers Candle March : महिला अधिवक्ता बलवीर कौर की मौत के मामले में भिलाई में विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को अधिवक्ताओं ने हिंदू युवा मंच और शिव जी अर्पण सेवा समिति के साथ मिलकर सूर्या मॉल चौक से हाईटेक अस्पताल तक कैंडल मार्च निकाला। अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि इस मामले में अस्पताल के खिलाफ अपराध दर्ज होता है, तो कोई भी अधिवक्ता अस्पताल प्रबंधन की ओर से पैरवी नहीं करेगा। इस घोषणा के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।

ऑपरेशन के दौरान हुई थी महिला अधिवक्ता की मौत

दरअसल, जिला न्यायालय दुर्ग में वकालत करने वाली अधिवक्ता बलवीर कौर की 1 नवंबर 2026 को नेहरू नगर स्थित हाईटेक अस्पताल में माइनर ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी है। अधिवक्ताओं ने इलाज में लापरवाही की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन

मामले को लेकर दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन और इलाज में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी रखी गई है।

अस्पताल प्रबंधन पर की कार्रवाई की मांग

अधिवक्ता संघ का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही या किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

अस्पताल के खिलाफ पैरवी नहीं करेंगे अधिवक्ता

कैंडल मार्च के दौरान अधिवक्ताओं का सबसे बड़ा ऐलान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पैरवी नहीं करने का रहा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में अस्पताल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होता है, तो वे अस्पताल प्रबंधन की ओर से कानूनी पैरवी नहीं करेंगे।

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