अभद्र व्यवहार, नेताओं और अधिकारियों का धौंस दिखाने का आरोप।
अधीक्षकों ने की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।
मंडल संयोजक नंद कुमार के कथित व्यवहार के खिलाफ सामूहिक शिकायत।
शिकायत कर विभागीय कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल सवाल।
Bijapur Hostel Superintendent Complaint News: आदिवासी विकास विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। भोपालपटनम विकासखंड के छात्रावासों में पदस्थ अधीक्षक और अधीक्षिकाओं ने अपने ही विभाग के मंडल संयोजक नंद कुमार मारकोण्डा के कथित व्यवहार के खिलाफ सामूहिक मोर्चा खोल दिया है। एक-दो नहीं, बल्कि 12 अधीक्षक-अधीक्षिकाओं ने एक साथ लिखित शिकायत कर विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास शाखा बीजापुर को भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत पत्र में मंडल संयोजक पर अधीक्षक-अधीक्षिकाओं के साथ आए दिन अभद्र व्यवहार करने, छोटी-छोटी बातों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंडल संयोजक अक्सर उच्च अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं का प्रभाव बताकर कर्मचारियों को भयभीत करते हैं। इससे छात्रावासों में पदस्थ कर्मचारियों के बीच असहजता और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत किसी एक कर्मचारी ने नहीं, बल्कि भोपालपटनम विकासखंड के अलग-अलग छात्रावासों में पदस्थ 12 अधीक्षक-अधीक्षिकाओं ने मिलकर की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित व्यवहार के कारण वे विभागीय कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं और इसका असर कार्यस्थल के वातावरण पर भी पड़ रहा है।
सामूहिक शिकायत सामने आने के बाद अब आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों के सामने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की चुनौती है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उचित विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि 12 कर्मचारियों की सामूहिक शिकायत पर विभाग क्या रुख अपनाता है? क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी या मामला विभागीय फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा? फिलहाल मंडल संयोजक की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।