पिकअप में 15 बोरियों में भरकर छिपाया था 476.500 किलो गांजा।
अड़ावाल रेलवे फाटक पर पुलिस ने रोका तस्करी का काफिला।
बस्तर पुलिस ने 4 आरोपी किया गिरफ्तार।
जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये।
Bastar Police Seized Cannabis: ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप लेकर उत्तर प्रदेश जा रहे तस्करों का रास्ता बस्तर पुलिस ने रोक दिया। पिकअप में 15 बोरियों के भीतर छिपाकर रखे गए 476.500 किलोग्राम गांजे के साथ चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है। जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए बाकायदा पायलेटिंग का इंतजाम कर रखा था। एक मोटरसाइकिल पर सवार युवक आगे चलकर पिकअप के लिए रास्ता साफ कर रहे थे, लेकिन अड़ावाल रेलवे फाटक के पास पुलिस की घेराबंदी ने उनकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया।
पुलिस के मुताबिक 5 नवंबर की सुबह थाना बोधघाट को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की पिकअप क्रमांक CG 17 KL 0411 में ओडिशा से गांजा भरकर जगदलपुर की ओर लाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन सिंह राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अंशिका जैन और उप पुलिस अधीक्षक चंद्रहास सिन्हा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्राम अड़ावाल रेलवे फाटक के पास पहुंची। पुलिस ने वहां जांच शुरू की। इसी दौरान लाल रंग की मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। उनके पीछे मुखबिर के बताए नंबर की पिकअप भी पहुंच गई।
पुलिस ने दोनों वाहनों को रोककर पूछताछ की तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की घेराबंदी में उनकी कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद पिकअप की तलाशी ली गई तो पुलिस भी बरामदगी देखकर चौंक गई।
पिकअप के भीतर रखी 15 बोरियों में कुल 476.500 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत 2 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। गांजे को बोरियों में पैक कर इस तरह रखा गया था कि सामान्य जांच में आसानी से नजर न आए। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास गांजे के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था।
इस कार्रवाई में गांजे के अलावा पिकअप वाहन, तस्करी में पायलेटिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल, छह मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए गए। यानी तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दोनों वाहन भी पुलिस के कब्जे में आ गए।
पुलिस ने मामले में भगवान पांगी (25), घासी खिलो (21), चित्रसेन गल्लोरी (22) और रोहणी गल्लोरी (27) को गिरफ्तार किया है। इनके साथ तीन विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है। सभी ओडिशा के मलकानगिरी जिले के कोरकोंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोंटामाड़ी के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया है। चार वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर विशेष एनडीपीएस न्यायालय जगदलपुर में पेश किया गया, जबकि तीन बालकों के संबंध में किशोर न्याय की निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई।
ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश तक पहुंचाने की तैयारी और करोड़ों रुपये की खेप मिलने के बाद अब इस मामले में तस्करी के नेटवर्क को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी बड़ी खेप किसके लिए भेजी जा रही थी, इसके पीछे और कौन लोग जुड़े हैं तथा तस्करी के इस कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं, इन पहलुओं पर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बोधघाट पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
476.500 किलोग्राम गांजा – 2,38,25,000 रुपये
पिकअप वाहन – CG 17 KL 0411
मोटरसाइकिल – OD 30 B 6256
छह मोबाइल फोन – अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये
नकद राशि – 1500 रुपये