रेल या​त्रियों को झटका! मुरासु तूफान के असर से बस्तर से गुजरने वाली 40 ट्रेनें रद्द, इधर KK रेल लाइन बहाल

Bastar KK Railway Line: रेल यात्रियों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। 38 दिनों बाद केके रेल लाइन बहाल होने के बाद अब मुरासु तूफान ने ट्रेनों पर ब्रेक लगाया है। 40 से अधिक ट्रेनें रद्द हो गई है।
Bastar KK Railway Line, Many train cancelled,
जगदलपुर रेलवे स्टेशन(सोर्स - नवभारत लाइव)
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Highlights

  • 24 सितंबर को भूस्खलन के बाद बंद हुआ था यात्री परिचालन

  • 2 नवंबर को तीन ट्रेनों के साथ बहाली।

  • दो अन्य ट्रेनों का अब भी इंतजार।

  • अर्नब के असर से 5 नवंबर तक कई सेवाएं प्रभावित।

Murasu Storm In Chhattisgarh: बस्तर की रेल कनेक्टिविटी पर पिछले डेढ़ महीने से जारी संकट के बीच आखिरकार यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। 24 सितंबर को भूस्खलन के कारण बंद हुई केके रेल लाइन (कोत्तावलसा-किरंदुल) पर करीब 38 दिनों बाद 2 नवंबर को यात्री ट्रेनों का परिचालन फिर शुरू हो गया। हालांकि, बस्तर के यात्रियों की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। एक तरफ तीन यात्री ट्रेनों को बहाल किया गया है, तो दूसरी तरफ चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण जगदलपुर से जुड़ी कई प्रमुख ट्रेनें अब भी प्रभावित हैं। तूफान के असर से देश के अलग-अलग रेलखंडों में 40 से अधिक ट्रेनें रद्द करने के साथ कई ट्रेनों के मार्ग और समय में भी बदलाव करना पड़ा।

38 दिन बाद लौटी यात्री ट्रेनों की रफ्तार

केके रेल लाइन के मालिगुड़ा-जर्ती सेक्शन में सितंबर में हुए भीषण भूस्खलन से रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके चलते 24 सितंबर से इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। रेलवे ने लगातार मरम्मत कार्य कराया और 22 अक्टूबर की रात तक प्रभावित हिस्से में बहाली का काम पूरा किया। इसके बाद 23 अक्टूबर से सुरक्षा संबंधी सावधानियों के साथ मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया, लेकिन यात्री सेवाओं को मंजूरी मिलने में समय लगा।

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आखिरकार 2 नवंबर को करीब 38 दिनों के लंबे इंतजार के बाद तीन यात्री ट्रेनों का परिचालन फिर शुरू कर दिया गया। इनमें किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर, जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस और जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस शामिल हैं। इससे बस्तर के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होने का इंतजार अब भी बना हुआ है।

Bastar KK Railway line train cancelled,
केके रेलवे लाइन(सोर्स - नवभारत लाइव)

मुरासु ने फिर बढ़ाई यात्रियों की परेशानी

केके रेल लाइन पर यात्री सेवाओं की बहाली के बीच चक्रवाती तूफान मुरासु ने रेल यातायात की मुश्किलें फिर बढ़ा दीं। 27 अक्टूबर से अलग-अलग तारीखों में जगदलपुर आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया।

हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस 27 से 30 अक्टूबर तक और जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 28 से 31 अक्टूबर तक रद्द रही। वहीं राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी 29 अक्टूबर से 4 नवंबर और जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक रद्द की गई है।

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इसके अलावा विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस और उसकी वापसी सेवा भी 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रद्द रखने का निर्णय लिया गया था। इस तरह केके रेल लाइन पर यात्री सेवाएं बहाल होने के बावजूद तूफान के कारण यात्रियों को राहत पूरी तरह नहीं मिल पाई।

40 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई के बदले रास्ते और समय

मुरासु तूफान के प्रभाव से रेल परिचालन में व्यापक बदलाव करना पड़ा। रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में 40 से अधिक ट्रेनें रद्द, 40 से अधिक डायवर्ट, 16 शॉर्ट टर्मिनेट और 30 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया। आंध्र प्रदेश के इचापुरम-ज्हाडुपुड़ी रेलखंड में ब्रिज नंबर 1052 पर पानी का बहाव बढ़ने से रेल यातायात रोकना पड़ा था। पानी घटने के बाद 29 अक्टूबर की रात 9:30 बजे एक लाइन पर और 30 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे दूसरी लाइन पर परिचालन बहाल किया गया। फिलहाल प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों को सावधानीपूर्वक गति सीमा के साथ चलाया जा रहा है।

बहाली के बाद भी पूरी राहत का इंतजार

रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क, पेयजल और भोजन की व्यवस्था की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और दक्षिण तटीय रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर ने भी बहाली कार्यों की निगरानी की। कुल मिलाकर बस्तर के यात्रियों के लिए 2 नवंबर राहत का दिन रहा। 38 दिनों बाद केके रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों की वापसी हुई, लेकिन दो अन्य ट्रेनों के संचालन और अर्नब तूफान से प्रभावित सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने का इंतजार अभी बाकी है। लंबे समय तक रेल संपर्क बाधित रहने के बाद अब यात्रियों की निगाहें सभी सेवाओं के नियमित परिचालन पर टिकी हैं।