धान खरीदी केंद्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त की कवायद (सोर्स: नवभारत)
बलौदा बाजार

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी तेज, बलौदाबाजार में 1.68 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन

Baloda Bazar Paddy Purchasement: बलौदाबाजार में धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद जारी है। धान के सुरक्षित भंडारण से लेकर तौल की व्यवस्था तक के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

चंदू निर्मलकर

Highlights

  • धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की कवायद जारी।

  • धान के सुरक्षित भंडारण से लेकर दिशा निर्देश जारी।

  • नए किसान 31 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयन।

  • कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तैयारियों का लिया जायजा।

Chhattisgarh Paddy Purchasement: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। बलौदाबाजार में अब तक 1,68,939 किसान धान बेचने के लिए पंजीकृत हो चुके हैं। वहीं, नए किसानों के पंजीयन और पुराने पंजीयन में संशोधन के लिए 31 अक्टूबर तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद जारी है। राज्य शासन ने धान के सुरक्षित भंडारण से लेकर तौल और तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था तक के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बारिश से बचाव से लेकर तौल तक, हर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

शासन के निर्देशों के अनुसार, धान खरीदी केंद्रों के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां जमीन समतल और पर्याप्त ऊंचाई पर हो। इसका उद्देश्य अचानक बारिश होने की स्थिति में खुले में रखे धान को खराब होने से बचाना है। केंद्रों में धान के सुरक्षित भंडारण के लिए पॉलिथीन कवर, डनेज सामग्री, सीमेंट ब्लॉक, फ्लाई ऐश ब्रिक्स सहित अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

धान में नमी की जांच के लिए सभी खरीदी केंद्रों में आर्द्रतामापी यंत्र उपलब्ध रहेंगे। इन यंत्रों को चालू हालत में रखने और खरीदी शुरू होने से पहले उनका कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपयोगी यंत्रों की जगह नए उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक तौल और बायोमेट्रिक व्यवस्था पर जोर

इस बार भी धान खरीदी में बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था लागू रहेगी। किसानों से धान की खरीदी इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्रों के माध्यम से की जाएगी। इन यंत्रों का विधिक मापविज्ञान विभाग से समय पर सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पिछले वर्ष इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर, प्रिंटर, जनरेटर और यूपीएस की जांच कर खराब उपकरणों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा गया है। नए खरीदी केंद्रों में भी जरूरी उपकरणों की व्यवस्था समय पर पूरी करनी होगी।

पुराने किसानों को दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को वर्ष 2026-27 के लिए भी पंजीकृत माना जाएगा। उनकी दर्ज भूमि, धान का रकबा और खसरे से संबंधित जानकारी एग्रीस्टैक पंजीयन पोर्टल पर राजस्व विभाग के माध्यम से अद्यतन कराई जाएगी। वहीं, नए किसानों के लिए ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल के जरिए पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। खरीदी केंद्रों की तैयारियों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामांकित किए जाएंगे, जो चेकलिस्ट के आधार पर व्यवस्थाओं का सत्यापन करेंगे।

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