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CBSE कॉपियों की ऑनलाइन जांच पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, कहा- सुधार का मौका समझे सरकार

SC CBSE Digital Evaluation: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली से छात्रों को हो रही परेशानियों पर चिंता जताई है और केंद्र सरकार से सुधारात्मक कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

करुणा नंद शाहवाल

Supreme Court OSM System CBSE Copy Checking: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली (OSM) को लेकर छात्रों की बढ़ती शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था के कारण छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इससे उनमें निराशा व हताशा बढ़ी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को इसे विरोध के बजाय सुधार के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि याचिका में उठाए गए अधिकांश व्यक्तिगत मामलों का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कॉपी जांच प्रणाली की समीक्षा और सुधार के लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। याचिका में मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और निगरानी के लिए हाई-पावर कमेटी गठित करने की भी मांग की गई है।

छात्रों की समस्याओं को बताया गंभीर

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को इस मामले को विरोध के रूप में नहीं लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिका में जिन छात्रों के मार्कशीट से जुड़े व्यक्तिगत मामलों का जिक्र था, उनमें से ज्यादातर का समाधान कर दिया गया है।

अगले सप्ताह होगी मामले की सुनवाई

सरकार कॉपी जांच की खामियों को गंभीरता से ले रही है। इसके लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी और सुधार के लिए सुझाव देगी। कोर्ट ने इस पर सरकार से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अब मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

पारदर्शी नियम बनाने की मांग

वहीं राकेश बिंजोला की ओर से दायर याचिका में सीबीएसई की कॉपी जांच के लिए पारदर्शी और स्पष्ट नियम बनाए जाने की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इन नियमों की निगरानी के लिए एक हाई-पावर कमेटी बनाई जाए। जिन छात्रों ने यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश परीक्षा पास कर ली है या प्रोविजनल एडमिशन ले लिया है, उन्हें बोर्ड के न्यूनतम अंकों की शर्त से छूट मिलनी चाहिए।

 सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

दरअसल इसके पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीएसई की संशोधित तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को नोटिस जारी किया था।

अदालत ने सभी पक्षों से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की और इसके साथ ही 29 जुलाई को विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कियाा।

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