Mumbai University BE Apprenticeship Course: मुंबई यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक नया अप्रेंटिसशिप आधारित B.E. डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। इस अभिनव कोर्स के तहत अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें अपनी डिग्री की पढ़ाई के साथ-साथ पूरे एक साल तक इंडस्ट्री में काम करने का वास्तविक और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस भी मिलेगा। विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा शुरू किए गए इस बेहतरीन प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आज की इंडस्ट्री और नौकरी की व्यावहारिक जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह तैयार करना है। इस दौरान छात्रों को रियल-लाइफ प्रोजेक्ट्स, टीमवर्क और कॉर्पोरेट वर्क प्लेस से जुड़े वास्तविक अनुभव हासिल होंगे जो उन्हें भविष्य में बेहतरीन करियर बनाने में मदद करेंगे।
इस विशेष प्रोग्राम के लिए चुने गए छात्रों को उनके B.E. कोर्स के फाइनल ईयर यानी सातवें और आठवें सेमेस्टर के दौरान एक साल की अप्रेंटिसशिप करनी होगी। इस एक साल की अवधि में छात्रों को किसी उद्योग या कंपनी के माहौल में सीधे काम करने और अपने इंजीनियरिंग ज्ञान को जमीनी स्तर पर आजमाने का मौका मिलेगा। इस प्रोग्राम को पूरा करने के लिए छात्रों को कम से कम 1,260 घंटे की व्यावहारिक ट्रेनिंग पूरी करना अनिवार्य किया गया है। जो छात्र इस अप्रेंटिसशिप को सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे, उन्हें उनके बीई डिग्री प्रोग्राम के तहत कुल 42 अकादमिक क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।
मुंबई यूनिवर्सिटी का यह नया अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम सभी छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए विश्वविद्यालय ने एक कड़ा चयन मापदंड और विशेष पात्रता तय की है। फाइनल ईयर के बीई छात्रों में से केवल अधिकतम 15 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही इस अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री प्रोग्राम में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इस रेस में शामिल होने के लिए छात्र का पांचवें सेमेस्टर के अंत तक कम से कम 6.75 CGPA होना आवश्यक है। छात्रों का अंतिम चयन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर किया जाएगा, जिसमें उच्च CGPA वाले प्रतिभावान छात्रों को वरीयता दी जाएगी।
विश्वविद्यालय ने अपनी गाइडलाइंस में यह भी साफ किया है कि कौन से छात्र इस प्रोग्राम का हिस्सा नहीं बन सकते हैं। ऐसे छात्र जो वर्तमान में ऑनर्स, माइनर, या रिसर्च के साथ ऑनर्स प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे हैं, वे इस अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे। इसलिए, केवल सामान्य बीई प्रोग्राम के छात्र ही तय मानदंडों को पूरा करके इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकेंगे।
यह अनूठी पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और AICTE के दिशा-निर्देशों के बिल्कुल अनुरूप तैयार की गई है। इस पूरे प्रोग्राम के दौरान केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें छात्रों की कम्युनिकेशन स्किल्स, टीमवर्क, प्रॉब्लम सॉल्विंग (समस्या निवारण), निर्णय लेने की क्षमता और टाइम मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशलों को निखारने पर विशेष बल दिया जाएगा। इससे छात्र कॉलेज से निकलते ही सीधे कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।