NEET Paper Leak By WhatsApp: देश का सबसे बड़ा मेडिकल प्रवेश एग्जाम NEET-UG 2026 अब बड़े विवादों के बीच घिर चुका है। बता दें कि राजस्थान से शुरू हुई पेपर लीक की जांच ने ऐसा मोड़ ले लिया कि आखिरकार परीक्षा को रद्द करना ही पड़ा। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे मामले का सुराग एक WhatsApp मैसेज के छोटे से नोट Forwarded many times से मिला है। इस मामले को लेकर माना जा रहा है कि यही मैसेज जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा संकेत बना कि मामला सिर्फ कुछ छात्रों तक सीमित नहीं बल्कि बड़े स्तर पर फैलाया गया है।
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की शुरुआती जांच के अनुसार कथित Guess Paper सबसे पहले सीकर निवासी राकेश मंडावरिया से जुड़ा हुआ पाया गया है जो उस समय देहरादून में था। बताया जा रहा है कि इस PDF फाइल को सबसे पहले केरल में पढ़ रहे राजस्थान के एक MBBS छात्र को भेजा गया और फिर वहां से सीकर सहित कई छात्रों और करियर काउंसलर्स तक किस फाइल को फैलाया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह फाइल करीब 150 पन्नों की थी जिसमें 400 से ज्यादा सवाल लिखे गए थे। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि इसमें से लगभग 120 सवाल असली परीक्षा में भी दिए गए थे। इस मामले को लेकर SOG के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने कहा, "यह गेस पेपर परीक्षा से हफ़्तों पहले ही छात्रों के पास था यहाँ तक कि एक महीना पहले से ही।" जिसका साफ मतलब है कि काफी समय पहले ही इस पेपर की जानकारी कई लोगों को मिल गई थी।
इस मामले के बाहर आने के बाद इस मंगलवार को National Testing Agency ने 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का ऐलान कर दिया है। वहीं बता दें कि इस बार की परिक्षा में करीब 22 लाख छात्रों बैठे थे।
इसके अलावा NTA ने मामले को लेकर कहा, "भारत सरकार ने आगे यह निर्णय लिया है कि इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा जाए ताकि इसमें लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच की जा सके।" इस बयान के बाद अब पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है। जिसके बाद अब CBI ही इसकी चांज को आगे लेकर जाएगी।
ये भी पढ़े: गर्मियों में फोन चार्ज होने में कर रहा है आनाकानी? घबराइए नहीं, ये छोटी गलती पड़ सकती है भारी
परिक्षा के रद्द होने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा है कि, "NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।" गहलोत ने इस बात का दावा भी किया कि राज्य सरकार ने दो हफ्तों तक मामले को दबाने की कोशिश की लेकिन इसको दबा नहीं पाए। वहीं बता दें कि फिलहाल SOG ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों को इश मामले में हिरासत में लिया है जिनमें छात्र और करियर काउंसलर्स भी शामिल हैं।
वहीं देश में हुए इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बात तो साफ है कि देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पूरी तरह सही से काम नहीं कर रही है। जिसका भुगतान उन छात्रों को देना पड़ रहा है जो साल भर पूरी मेहनत करते है और आखिर में जा कर उनको पेपर लीक की वजह से अपनी मेहनत को बर्बाद होते हुए देखना पड़ता है।