आईआईटी बॉम्बे डिजाइन एंट्रेंस एग्जाम 2027 के लिए आवेदन प्रारंभ सोर्स-AI
करियर

IIT Bombay CEED-UCEED 2027: डिजाइनिंग में करियर का मौका! शुरू हुए रजिस्ट्रेशन, जानें योग्यता व प्रक्रिया

IIT Design Entrance Exam Form Last Date 2026: IIT बॉम्बे ने CEED और UCEED 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 31 अक्टूबर तक फॉर्म जाऐंगे। जानें पात्रता और दोनों परीक्षाओं में अंतर।

करुणा नंद शाहवाल

IIT Bombay Design Entrance Exam 2027 Apply Online: डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बेहतरीन मौका है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं CEED 2027 और UCEED 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन परीक्षाओं के माध्यम से देश के शीर्ष IITs, IISc बेंगलुरु और अन्य प्रमुख संस्थानों में बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) तथा मास्टर ऑफ डिजाइन (M.Des) पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है।

अभ्यर्थी बिना विलंब शुल्क के 31 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं, जबकि लेट फीस के साथ 6 नवंबर 2026 तक फॉर्म भरने का अवसर रहेगा। 12वीं पास या अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र B.Des में दाखिले के लिए UCEED 2027 हेतु आवेदन कर सकते हैं, जबकि किसी भी विषय में स्नातक या तीन साल का डिप्लोमाधारक छात्र M.Des और Ph.D के लिए CEED 2027 परीक्षा दे सकते हैं। दोनों प्रवेश परीक्षाएं 17 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएंगी। आईए जानते इस कोर्स के बारें में पूरी जानकारी।

CEED 2027 के लिए कौन कर सकता है आवेदन?

यूसीईईडी 2027 के लिए ऐसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री, डिप्लोमा या 12वीं के बाद कम से कम तीन साल का हायर एजुकेशन प्रोग्राम पूरा किया हो। जो छात्र जुलाई 2027 तक अपनी अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर लेंगे, वे भी आवेदन के लिए योग्य माने जाएंगे।

इसके अलावा 10वीं के बाद पांच साल का Government Diploma in Art पूरा करने वाले अभ्यर्थी भी CEED के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

UCEED 2027 के लिए क्या है योग्यता?

यूसीईईडी 2027 में वही छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने पहली बार 2026 या 2027 में 12वीं या इसके समकक्ष परीक्षा दी है। इस परीक्षा की खास बात यह है कि साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स, तीनों स्ट्रीम के विद्यार्थी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

हालांकि, सभी आईआईटी में B.Des में प्रवेश के लिए Physics, Chemistry और Mathematics यानी PCM विषयों की जरूरत हो सकती है। अन्य स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए कुछ चुनिंदा संस्थानों में एडमिशन के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

UCEED कितनी बार दे सकते हैं?

बता दें कि डिजाइन के लिए अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (UCEED) परीक्षा देने की भी एक सीमा है। उम्मीदवार इसे अधिकतम दो बार दे सकते हैं और ये दोनों प्रयास लगातार दो वर्षों में होने चाहिए।

किन संस्थानों में मिलता है एडमिशन?

CEED स्कोर के जरिए IIT Bombay, आईआईटी Delhi, IIT Guwahati, IIT Hyderabad, IIT Kanpur, IIT Roorkee, IIT Jodhpur, IIT Gandhinagar, IISc Bengaluru और IIIT Jabalpur समेत कई संस्थानों के डिजाइन प्रोग्राम में प्रवेश के अवसर मिलते हैं।

वहीं UCEED के माध्यम से IIT Bombay, IIT Delhi, IIT Guwahati, IIT Hyderabad, IIT Indore, IIT Roorkee और IIIT Jabalpur के B.Des प्रोग्राम में एडमिशन लिया जा सकता है।

हालांकि, केवल CEED या UCEED क्वालिफाई करना सीट मिलने की गारंटी नहीं है। संबंधित संस्थान अपनी अलग मेरिट, प्रवेश प्रक्रिया, इंटरव्यू या अन्य मानदंड लागू कर सकते हैं।

जानें दोनों में क्या अंतर है?

CEED यानी कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन डिज़ाइन मुख्य रूप से डिजाइन से जुड़े पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है। इसके जरिए MDes और कुछ संस्थानों में PhD जैसे प्रोग्राम में दाखिले का रास्ता खुलता है।

दूसरी ओर, UCEED यानी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन डिज़ाइन चार साल के डिजाइन में स्नातक यानी B.Des कोर्स में प्रवेश के लिए होता है। यह परीक्षा मुख्य रूप से 12वीं पास या 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए होती है।

राहुल गांधी ने लॉन्च किया सत्याग्रह प्लेटफॉर्म, संसद से सड़क तक साथ देने का किया वादा, बताया इसका उद्देश्य

Pargat Singh: पूरी लगन से करूंगा सेवा, पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही बोले परगट सिंह, पार्टी का जताया आभार

आंध्र प्रदेश में दवा फैक्ट्री में फटा बॉयलर, चार लोगों ने तोड़ा दम; जांच में जुटी पुलिस

भारतीय एजेंसी के हत्थे चढ़ा एक और कुख्यात! तुर्की से नवप्रीत सिंह को डिपोर्ट कर लाया, कैसे हुआ था फरार?

Kadambini Ganguly First Indian Woman Doctor: 8 बच्चों की मां, फिर भी नहीं रुकी डॉक्टरी की राह