HIGHLIGHTS
नोटिस पीडियड सर्व करने के बाद 2 दिन में मिलेगा वेतन
HR से लिखित ब्रेकअप और 'नो ड्यूज' स्पष्टीकरण मांगें
पूछें कि आपका FnF सेटलमेंट किस कारण से रोका गया
स्थानीय श्रम आयुक्त में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं
FnF 48 Hour Standard: रिजाइन देने के बाद नोटिस पीरियड सर्व करने के लिए कहा जाता है। फिर जब नोटिस पीरियड का लास्ट डे आता है तो एचआर कहती है कि हम आपको फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 45 दिन बाद देंगे। ये हर कर्मचारी के दिल का दुख है कि काम पूरा करो, लेकिन पैसे की बारी आती है को 45 दिन का टाइन मांग लिया जाता है। यदि आप भी रिजाइन देने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि इन सब चक्करों में न फंसे। 2 दिन के अंदर आपका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट हो जाए तो फिर ये खबर आपके काम की है।
बता दें कि नए लेबर कोड के नियमों के अनुसार, कंपनी को कर्मचारी के नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के 2 वर्किंग डेज़ यानी 48 घंटे के भीतर फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट करना अनिवार्य है। यदि कंपनी ने नोटिस पीरियड पूरा करने के बावजूद आपका पैसा रोक लिया है, तो आप इन तरीकों से अपना हक तुरंत ले सकते हैं।
कानूनन नियम फॉलो करेंगे तो आपको जल्द से जल्द फुल एंड फाइनल सेटलमेंट मिल जाएगा। एचआर से लिखित ब्रेकअप और 'नो ड्यूज' स्पष्टीकरण मांगें। एचआर को लिखित मेल करें। एचआर और फायनेंस टीम को आधिकारिक मेल लिखकर पूछें कि आपका FnF सेटलमेंट किस कारण से रोका गया है।
यदि कंपनी ने नोटिस रिकवरी या किसी अन्य नाम पर पैसे काटे हैं, तो उसका पूरा लिखित ब्रेकअप मांगें। साथ ही साथ सामान की पावती भी लें यानी यदि कंपनी लैपटॉप, आईडी कार्ड या अन्य एसेट के नाम पर पैसा रोक रही है, तो उन्हें तुरंत सौंपकर उसकी लिखित पावती लें।
एक कर्मचारी को 2 दिन में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट पाने का अधिकार दिया गया है। लेबर कोड के तहत 2 वर्किंग डेज़ में भुगतान न करना गैर-कानूनी है। नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
ऐसे में कर्मचारी कंपनी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है। यदि एचआर ईमेल का जवाब नहीं देता है या पैसे देने से मना करता है, तो आप स्थानीय श्रम आयुक्त (Labour Commissioner) के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही साथ जरूरत पड़ने पर किसी वकील के जरिए कंपनी को लीगल नोटिस भेजा जा सकता है।