Canada Jobs for Indians : कनाडा में नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय वर्कर्स के लिए नए नियम कुछ राहत लेकर आए हैं। Employment and Social Development Canada (ESDC) ने 18 अगस्त को टेंपरेरी फॉरेन वर्कर्स प्रोग्राम (TFWP) से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब 10 से कम कर्मचारियों वाले कुछ वर्कप्लेस भी लो-वेज कैटेगरी में सीमित संख्या में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकेंगे।
नए नियम के मुताबिक ऐसी छोटी कंपनियां सामान्य तौर पर अधिकतम एक लो-वेज विदेशी वर्कर को हायर कर सकती हैं। वहीं हेल्थकेयर और कंस्ट्रक्शन जैसे कुछ डिमांड वाले सेक्टर्स में यह संख्या अधिकतम दो विदेशी वर्कर्स तक हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कनाडा में सभी भारतीयों के लिए सीधे नौकरी या वर्क परमिट मिलना आसान हो गया है। कंपनियों और उम्मीदवारों को अन्य पात्रता और इमिग्रेशन नियमों का पालन करना होगा।
इस बदलाव से पहले कंपनियों को अपनी कुल वर्कफोर्स के आधार पर लो-वेज टेंपरेरी फॉरेन वर्कर्स की भर्ती की सीमा का पालन करना पड़ता था। सामान्य तौर पर कंपनियां अपनी कुल वर्कफोर्स का 10 प्रतिशत तक ही लो-वेज विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती थीं। वहीं हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन और फूड प्रोडक्शन जैसे कुछ सेक्टर में यह सीमा 20 प्रतिशत तक थी।
नए नियम से खासतौर पर छोटे बिजनेस को फायदा हो सकता है, क्योंकि बहुत कम कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए प्रतिशत आधारित सीमा के तहत विदेशी वर्कर रखना मुश्किल हो सकता था। अब पात्र कंपनियों को क्षेत्र और सेक्टर के आधार पर एक या दो लो-वेज विदेशी वर्कर्स को नियुक्त करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, हर कंपनी को पहले यह साबित करना होगा कि वह प्रोग्राम की निर्धारित शर्तों को पूरा करती है।
कनाडा के नियमों में किसी नौकरी को लो-वेज कैटेगरी में रखने के लिए उस नौकरी की पेशकश की गई सैलरी और संबंधित क्षेत्र की औसत सैलरी को देखा जाता है। दी गई जानकारी के अनुसार, अगर विदेशी वर्कर को मिलने वाली सैलरी फेडरल जॉब बैंक में दर्ज क्षेत्रीय औसत सैलरी के 120 प्रतिशत से कम है, तो नौकरी लो-वेज स्ट्रीम में आ सकती है।
इससे ऊपर की सैलरी वाली नौकरियां हाई-वेज स्ट्रीम में जा सकती हैं, जहां यह वर्कफोर्स प्रतिशत सीमा लागू नहीं होती। लो-वेज विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को कई अन्य शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
इनमें कर्मचारी की कनाडा आने-जाने की यात्रा लागत उठाना, उचित रहने की व्यवस्था करना और जरूरत पड़ने पर प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराना शामिल है। इसलिए भारतीय उम्मीदवारों को नौकरी के साथ-साथ वर्क परमिट, नियोक्ता की पात्रता और TFWP की शर्तों को भी अच्छी तरह समझकर ही आवेदन करना चाहिए।