प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

India-US Trade Deal: क्यों गुस्से में हैं देश के किसान? ट्रंप की मांग और मोदी सरकार की सफाई के बीच फंसा पेच

Indian Farmer's: संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि यह डील किसानों के हितों के साथ धोखा है। संगठन का दावा है कि अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां के उत्पाद सस्ते पड़ते हैं।

मनोज आर्या

India US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर संसद में हंगामे के बाद अब किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने इस डील पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य किया गया, तो इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। किसानों का आरोप है कि इस समझौते से अमेरिका के सब्सिडी वाले कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में भर जाएंगे और घरेलू खेती पर सीधा असर पड़ेगा।

हालांकि, सरकार का कहना है कि अभी डील का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। कृषि व डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रखे गए हैं। आइए जानते हैं इस मामले पर किसने क्या कहा है।

डील किसानों के हितों के साथ धोखा

संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि यह डील किसानों के हितों के साथ धोखा है। संगठन का दावा है कि अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां के उत्पाद सस्ते पड़ते हैं। अगर ऐसे उत्पाद भारत आए, तो छोटे और सीमांत किसान टिक नहीं पाएंगे। किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर यह कदम उठाया है। किसान संगठन ने चेतावनी दी कि इससे देश की पूरी खेती-किसानी पर असर पड़ेगा। गौरतलब है कि SKM वही मंच है, जो 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान बना था और आज भी किसानों की ओर से सरकार से बातचीत करता है।

किसानों की आशंका बेबुनियाद

दूसरी ओर सरकार ने किसानों की आशंकाओं को बेबुनियाद बताया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा कि भारत ने अपने कृषि और डेयरी सेक्टर की पूरी तरह सुरक्षा की है। गोयल ने भरोसा दिलाया कि डील के हर पहलू को ध्यान में रखकर बातचीत हुई है। किसी भी संवेदनशील क्षेत्र के साथ समझौता नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही संयुक्त बयान जारी करेंगे, जिसमें डील की पूरी जानकारी होगी। गोयल के मुताबिक, यह समझौता भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फुटवियर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़े मौके खोलेगा।

अमेरिका के बयानों से विवाद बढ़ा

इस बीच अमेरिका की तरफ से आए बयानों ने विवाद और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाकर शून्य करेगा। साथ ही अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा। वहीं, अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिन्स ने कहा कि इस डील से अमेरिकी किसानों को बड़ा फायदा होगा और भारत उनके लिए एक बड़ा बाजार बनेगा। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीर ने भी कहा कि भारत कई अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर टैरिफ घटाने को तैयार है, हालांकि कुछ अहम क्षेत्रों में भारत का नियंत्रण बना रहेगा।

मोदी ने किसानों की मेहनत बेच दी- राहुल

राजनीतिक मोर्चे पर भी यह भारत-अमेरिका ट्रेड डील घमासान का कारण बन गई है। कांग्रेस और विपक्ष ने सरकार से साफ-साफ जवाब मांगा है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी दबाव में आकर किसानों की मेहनत “बेच दी” है। जवाब में पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।

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