स्विट्जरलैंड प्रति व्यक्ति कुल कर्ज सोर्स-सोशल मीडिया
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दुनिया के इस देश में रहते हैं सबसे ज्यादा कर्जदार, हर एक पर 3.24 करोड़ का कर्जा; जाने भारत की क्या है स्थिति

Switzerland Total Debt Per Capita: स्विट्जरलैंड प्रति व्यक्ति कुल कर्ज के मामले में पहले स्थान पर है। पहली तिमाही के आंकड़ों के आधार पर यहां प्रति व्यक्ति कुल कर्ज 3.24 करोड़ दर्ज गया।

आशीष शुक्ला

Highlights:

  • स्विट्जरलैंड में प्रति व्यक्ति कुल कर्ज 3,42,240 डॉलर दर्ज

  • 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों पर आधारित है रिपोर्ट

  • भारतीय मुद्रा में करीब 3.24 करोड़ रुपये बैठती है कर्ज की रकम

This Country In The World Has The Highest Number Of People In Debt: दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां प्रति व्यक्ति कुल कर्ज का आंकड़ा सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। यह देश कोई गरीब या आर्थिक संकट से जूझ रहा राष्ट्र नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल स्विट्जरलैंड है। यहां प्रति व्यक्ति कुल कर्ज करीब 3.24 करोड़ रुपये के बराबर पहुंच गया है। इस आंकड़े के साथ स्विट्जरलैंड दुनिया के 39 देशों की सूची में पहले स्थान पर है।

दरअसल, Visual Capitalist की 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों के आधार पर स्विट्जरलैंड में प्रति व्यक्ति कुल कर्ज 3,42,240 अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 3.24 करोड़ रुपये बैठती है। इस गणना में सरकारी कर्ज के साथ-साथ परिवारों और गैर-वित्तीय कंपनियों का कर्ज भी शामिल है।

39 देशों की रैंकिंग में स्विट्जरलैंड सबसे आगे

वैलेरी एमेलियानोव द्वारा तैयार किए गए विजुअलाइजेशन में 39 अर्थव्यवस्थाओं को प्रति व्यक्ति कुल कर्ज के आधार पर रैंक किया गया है। इसमें सरकारों, परिवारों और गैर-वित्तीय कंपनियों के कर्ज को शामिल किया गया है।

बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र के विश्व जनसंख्या संभावना 2024 के जनसंख्या अनुमानों के आधार पर विभाजित कर यह आंकड़ा निकाला गया है।

रैंकिंग में स्विट्जरलैंड 3,42,000 डॉलर के साथ पहले स्थान पर है। नॉर्वे 2,74,000 डॉलर के साथ दूसरे और नीदरलैंड 2,24,157 डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है। अमेरिका 2,24,032 डॉलर के साथ चौथे स्थान पर है। दोनों देशों के प्रति व्यक्ति कर्ज में केवल 125 डॉलर का अंतर है।

भारत और इंडोनेशिया पर सबसे कम कर्ज

इस रैंकिंग में भारत और इंडोनेशिया की स्थिति स्विट्जरलैंड से बिल्कुल अलग है। भारत में प्रति व्यक्ति कुल कर्ज करीब 4,700 डॉलर, जबकि इंडोनेशिया में लगभग 4,000 डॉलर है। ये आंकड़े स्विट्जरलैंड के प्रति व्यक्ति कर्ज के 2 फीसदी से भी कम हैं।

अमीर देशों पर कर्ज ज्यादा क्यों?

रैंकिंग में विकसित अर्थव्यवस्थाओं का दबदबा है। इसकी बड़ी वजह इन देशों में मजबूत क्रेडिट बाजार, महंगी संपत्तियां और कर्ज लेने की आसान उपलब्धता है।

स्विट्जरलैंड इसका प्रमुख उदाहरण है। यहां कुल कर्ज में सरकारी हिस्सेदारी 10 फीसदी से भी कम है। प्रति व्यक्ति गैर-वित्तीय कंपनियों का कर्ज करीब 1,57,000 डॉलर और परिवारों का कर्ज लगभग 1,53,000 डॉलर है। वहीं सरकारी कर्ज करीब 31,994 डॉलर है।

इसके उलट अमेरिका में प्रति व्यक्ति कुल 2,24,000 डॉलर के कर्ज में लगभग 44 फीसदी हिस्सेदारी सरकारी कर्ज की है। इससे साफ होता है कि अलग-अलग देशों में कर्ज लेने का स्वरूप भी अलग-अलग है।

क्या ज्यादा कर्ज का मतलब आर्थिक संकट है?

जरूरी नहीं कि जिस देश पर ज्यादा कर्ज हो, उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो। प्रति व्यक्ति कर्ज केवल कुल बकाया देनदारियों का औसत बताता है। इससे यह पता नहीं चलता कि कर्ज लेने वालों के पास कितनी संपत्ति है या वे कर्ज चुकाने में कितने सक्षम हैं।

जापान इसका उदाहरण है। यहां प्रति व्यक्ति कर्ज करीब 1,20,000 डॉलर है और यह रैंकिंग में 16वें स्थान पर है। हालांकि, जीडीपी के मुकाबले कर्ज के अनुपात में जापान इन 39 अर्थव्यवस्थाओं में पहले स्थान पर है। इसी तरह चीन प्रति व्यक्ति 44,000 डॉलर के कर्ज के साथ 25वें स्थान पर है, लेकिन जीडीपी के मुकाबले कर्ज के मामले में चौथे स्थान पर आता है।

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