शेयर मार्केट, (डिजाइन फोटो/नवभारत) 
बिज़नेस

अलर्ट! ये 3 घटनाएं बिगाड़ सकती हैं शेयर बाजार की चाल, निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट की राय

Share Market: बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में हलचल बनी रह सकती है। निवेशक देश के आर्थिक आंकड़ों और दुनिया भर में हो रही घटनाओं पर ध्यान देंगे।

मनोज आर्या

Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने नए साल 2026 की शुरुआत अच्छी तेजी के साथ की और पिछले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में तेजी देखने को मिली। बीते शुक्रवार को घरेलू बाजार बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई निफ्टी ने 26,340 का नया ऑल-टाइम हाई बनाया। वहीं, कारोबार के अंत में निफ्टी 182 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,328.55 पर और बीएसई सेंसेक्स 573.41 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की उछाल के साथ 85,762.01 पर बंद हुआ।

बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में हलचल बनी रह सकती है। निवेशक देश के आर्थिक आंकड़ों और दुनिया भर में हो रही घटनाओं पर ध्यान देंगे। इन सब बातों से यह तय होगा कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे। कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों का सीजन आने वाला है। इसलिए निवेशकों की नजर कमाई के आंकड़ों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, प्रमुख मुद्राओं और सोने-चांदी की कीमतों पर रहेगी।

अगले हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल?

आने वाले हफ्ते में बाजार की चाल पर अपनी राय देते हुए एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि निफ्टी के लिए ऊपर की ओर 26,400 पहला बड़ा स्तर है जो इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम करेगा। इसके बाद 26,500 और 26,600 का स्तर आ सकता है। वहीं नीचे की ओर 26,200 और 26,100 पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर निफ्टी 26,000 से नीचे चला गया, तो बाजार और गिर सकता है।

वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होगा बाजार

घरेलू मोर्चे पर, निवेशक एचएसबीसी सर्विसेज पीएमआई और कंपोजिट पीएमआई के अंतिम आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इससे पता चलेगा कि सर्विस सेक्टर (जैसे बैंक, होटल, आईटी) में कामकाज की रफ्तार कैसी है। इसके अलावा भारत की जीडीपी वृद्धि के आंकड़े, बैंकों के कर्ज और जमा की स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व) पर भी ध्यान दिया जाएगा। इनसे देश की आर्थिक हालत समझने में मदद मिलेगी। वैश्विक घटनाएं भी बाजार को प्रभावित करेंगी। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की खबरों से दुनिया के बाजारों में चिंता बढ़ी है।

अमेरिका के जरूरी आर्थिक आंकड़े, जैसे वहां की नौकरी से जुड़े आंकड़े (नॉन-फार्म पेरोल) और बेरोजगारी दर भी काफी अहम हैं। इनसे यह अंदाजा लगेगा कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक (फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों पर क्या फैसला ले सकता है, जिसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ता है।

डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर नजर

कमोडिटी यानी सोना और चांदी की कीमतें हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी हैं। इसकी वजह दुनिया में बढ़ता तनाव और ज्यादा सुरक्षित निवेश की मांग है। जब सोने-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका मतलब होता है कि लोग जोखिम से डर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। ये सभी कारक भारतीय शेयर बाजार की दिशा और दशा को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान