शेयर मार्केट क्रैश (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिज़नेस

Share Market Crash: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट, 1,247 अंक टूटा सेंसेक्स; निवेशकों का 5 लाख करोड़ स्वाहा

Share Market: 24 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिला। जहां, सेंसेक्स 73,580 और निफ्टी 23,063 पर कारोबार के अंत में बंद हुए। शेयर मार्केट में आई गिरावट पर एक्सपर्ट की राय।

मनोज आर्या

Share Market Closing Update 24th September: तेल की कीमतों में मजबूती और वैश्विक बॉन्ड की बिकवाली के बाद जोखिम से बचने की भावना के चलते गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 1.64 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी-50 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,0631.0 पर बंद हुआ।

555 अंक गिरकर खुला सेंसेक्स

दिन के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,828.25 से 555.85 अंक यानी 0.74 प्रतिशत गिरकर 74,272.40 पर खुला और दिन के कारोबार में एक समय यह 1,264.33 अंक यानी 1.68 प्रतिशत गिरकर 73563.92 के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,446.80 से 225 अंक यानी 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,221.80 पर खुला।

इंट्रा-डे ट्रेडिंग में एक समय इसने 400.65 अंक यानी 1.70 प्रतिशत गिरकर 23,046.15 का निम्नतम स्तर छुआ। व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 2.25 प्रतिशत और 1.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

बजाज फिनसर्व में सबसे अधिक गिरावट

वहीं, सेक्टरवार देखें तो गुरुवार के सत्र में सभी सेक्टर लाल निशान में ट्रेड करते हुए दिखाई दिए। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिनमें 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी मेटल में 1.96 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.57 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.13 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 1.08 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी 50 इंडेक्स में सिप्ला, ओएनजीसी और एनटीपीसी को छोड़कर बाकी सभी शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इनमें एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों का 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

इस दौरान, व्यापक बिकवाली के चलते एक ही सत्र में निवेशकों की लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का सफाया हो गया। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 485 लाख करोड़ रुपये से घटकर 480.95 लाख करोड़ रुपये रह गया। गुरुवार के कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी आई, लेकिन ये मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बनी रहीं।

वहीं, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी से उछाल आया, जिससे इक्विटी निवेशकों के बीच नई चिंताएं पैदा हुईं और जोखिम भरी संपत्तियों का सापेक्ष आकर्षण कम हो गया।

घरेलू शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?

गुरुवार (24 सितंबर) को देश के शीर्ष स्टॉक एक्सचेंज ने बीएसई पर अपना डेब्यू किया, जो एक ऐतिहासिक दिन था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयर लिस्टिंग के दौरान 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,817 रुपये पर बंद हुए, जो इसके आईपीओ प्राइस बैंड 1,785 रुपये से अधिक है। एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच बाजार पर दबाव बना, जो ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक जोखिमों के बढ़ने का संकेत है।

महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर बनी अनिश्चितताओं के कारण ब्याज दरों की चाल को लेकर चिंताएं बढ़ गईं, जिससे निवेशकों का रुख जोखिम लेने के बजाय सावधानी बरतने वाला हो गया।

बाजार को लेकर एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट ने बताया कि घरेलू स्तर पर, कमीशन स्ट्रक्चर की रेगुलेटरी समीक्षा और मुनाफे पर इसके असर को लेकर चिंताओं के कारण इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर कमजोर बने रहे। बाजार अभी अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल के आस-पास बना हुआ है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, कोई नई सकारात्मक खबर न होने की वजह से, निकट भविष्य में बाजार का मूड सतर्क रह सकता है। इससे वैल्यूएशन में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है और आगे चलकर बाजार के प्रदर्शन के लिए कमाई में बढ़ोतरी ही मुख्य कारक बन सकती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का दांव, दोनों सदनों में नोटिस की तैयारी

Sikkim Landslide: पश्चिम सिक्किम के रिंबी में भारी भूस्खलन, मडस्लाइड का खतरा

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग तेज, सीजेपी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

M3M Hurun Rich List 2026: भारत के टॉप 10 अमीर कारोबारी, जानें किसकी कितनी संपत्ति