आज भारतीय शेयर बाजार में कोहराम (सोर्स-सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

Share Market: शेयर बाजार में कोहराम, अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सेंसेक्स 590 अंक टूटा, कच्चे तेल की कीमतें बढीं

Indian Share Market Crash: US-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण शेयर बाजार धराशायी हो गया। सेंसेक्स 590 अंक और निफ्टी 176 अंक गिरकर खुले, जिससे निवेशकों में भारी हड़कंप मच गया है।

प्रिया सिंह

Share Market Crash During War: वैश्विक बाजारों में मची भारी उथल-पुथल का असर आज भारतीय निवेशकों की जेब पर साफ नजर आ रहा है। युद्ध के दौरान शेयर बाजार में भारी गिरावट की वजह से शुक्रवार की सुबह दलाल स्ट्रीट के लिए बेहद डरावनी साबित हुई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी बाजारों में गिरावट ने बाजार के बेंचमार्क सूचकांकों को नीचे धकेल दिया है। अनिश्चितता के इस माहौल में हर कोई अपनी जमा-पूंजी को लेकर फिक्रमंद है और बाजार की चाल देख रहा है।

बाजार की कमजोर शुरुआत

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई जिसने सबके होश उड़ा दिए। BSE का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 590 अंकों का गोता लगाकर 75444 के स्तर पर खुला। NSE का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और इसने शुक्रवार के कारोबार की शुरुआत 176 अंक नीचे 23462 पर की। बाजार खुलते ही लाल निशान ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चारों तरफ बिकवाली का माहौल बन गया। गुरुवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था जब सेंसेक्स 829 अंक और निफ्टी 227 अंक लुढ़क गए थे। लगातार दूसरे दिन की इस गिरावट ने बाजार की मजबूती पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और डर व्याप्त है।

वैश्विक युद्ध और तेल का संकट

भारतीय बाजार की इस बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। एशिया के अन्य बाजारों जैसे जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट भी गुरुवार रात बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ जिससे भारतीय बाजार को कोई सहारा नहीं मिला। डॉऊ जोन्स में 739 अंकों की गिरावट आई जबकि टेक शेयरों वाले नैस्डैक में 1.78 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इंटेल, टेस्ला और ऐप्पल जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई जिससे दुनिया भर के अरबपतियों को झटका लगा है।

निवेशकों के लिए आगे की राह

युद्ध के इस अनिश्चित दौर में आम निवेशकों के लिए अपना धैर्य बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता बाजार में यह उतार-चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल किसी भी बड़े निवेश से पहले सावधानी बरतने और केवल मजबूत बुनियादी ढांचे वाले शेयरों पर नजर रखने की सलाह है।

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