Highlights:
लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को शेयर बाजार में तेजी लौटी।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ।
BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़ा
Share Market Closing Bell 26th October: लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,606.75 और निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,675 पर बंद हुआ।
इस तेजी से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप करीब 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 456 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो कि शुक्रवार को करीब 451 लाख करोड़ रुपये था।
बाजार में व्यापक आधार पर तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 245.55 अंक या 1.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,985.00 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 664.75 अंक या 1.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 56,465.40 पर बंद हुआ। सूचकांकों में निफ्टी मेटल 2.21%, निफ्टी हेल्थकेयर 1.77% और निफ्टी फार्मा 1.76% की मजबूती के साथ टॉप गेनर्स थे।
इसके अलावा, निफ्टी कमोडिटीज 1.60%, निफ्टी एनर्जी 1.46%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.35%, निफ्टी इन्फ्रा 1.25%, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.18%, निफ्टी पीएसई 1.12%, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 1.03% और निफ्टी आईटी 0.87% की मजबूती के साथ सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे। केवल निफ्टी मीडिया 0.34% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.21% की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंडिगो, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक,टेक महिंद्रा, टीसीएस, एसबीआई और एमएंडएम गेनर्स थे।
दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड लूजर्स थे। वहीं, एचयूएल और सन फार्मा सपाट बंद हुए।
मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार आज के सत्र में रिकवरी देखने को मिली, जिसमें वैल्यू बाइंग और मेटल, बिजली और हेल्थ सर्विस सेक्टरों का मजबूती का योगदान रहा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फेड, ईसीबी और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों से पहले बरती जा रही सतर्कता ने बाजार के रुख को संतुलित रखा।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला, हालांकि निवेशक चुनिंदा बने रहे और उन्होंने मुनाफे की स्पष्टता और बेहतर वैल्यूएशन को प्राथमिकता दी।
शुरुआती तिमाही नतीजों से संकेत मिलता है कि बिजली उत्पादन, मेटल और रिफाइनिंग क्षेत्रों में कमोडिटी-आधारित मुनाफे में ग्रोथ होगी, लेकिन हाई एनर्जी लागत और ब्याज दरों से आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की ओवरऑल ग्रोथ में कमी आने का अनुमान है।