सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

SEBI New Rules: एआईएफ नियमों में बड़ा बदलाव, फंड लॉन्च करना हुआ आसान; जानें क्या है नया 'फास्ट-ट्रैक' नियम

SEBI New Rules: पहली बार फंड लॉन्च करने वाले मैनेजर को या तो सेबी से रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद या आवेदन के 30 दिन पूरे होने के बाद (जो भी बाद में हो) आगे बढ़ने की अनुमति होगी।

मनोज आर्या

SEBI's New Rule For AIF PPM: सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने गुरुवार को अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) के निजी प्लेसमेंट ज्ञापन यानी प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम (पीपीएम) के लिए एक नया फास्ट-ट्रैक नियम लागू किया है, जिसका उद्देश्य मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करना और निवेश को जल्दी शुरू करना है।

नए नियम के तहत मान्यता प्राप्त निवेशकों के लिए बड़े मूल्य वाले फंडों (एलवीएफ) को छोड़कर, एआईएफ सेबी के पास आवेदन दाखिल करने के 30 दिनों के बाद अपनी योजना शुरू कर सकते हैं और निवेशकों को प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम (PPM) दे सकते हैं, अगर सेबी इस दौरान कोई आपत्ति नहीं उठाता है।

पहले के मुकाबले आसान हुई प्रक्रिया

पहली बार फंड लॉन्च करने वाले मैनेजर को या तो सेबी से रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद या आवेदन के 30 दिन पूरे होने के बाद (जो भी बाद में हो) आगे बढ़ने की अनुमति होगी। अगर इस दौरान सेबी कोई सुझाव या टिप्पणी देता है, तो उसे लागू करना जरूरी होगा, तभी फंड लॉन्च किया जा सकता है। यह बदलाव पहले की प्रक्रिया से अलग है, जहां सेबी पीपीएम की पूरी जांच करता था और मंजूरी देने से पहले कई बार बदलाव करवाता था, जिससे काफी देरी होती थी।

12 महीने में पूरी करनी होगी फंडिंग

नए नियमों के अनुसार, एआईएफ को अपनी योजना शुरू करने के 12 महीने के अंदर पहली फंडिंग पूरी करनी होगी। अब पीपीएम में दी गई जानकारी की सही और पूरी जिम्मेदारी मर्चेंट बैंकर और एआईएफ मैनेजर की होगी। नए नियम में आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे ड्यू डिलिजेंस सर्टिफिकेट, फिट एंड प्रॉपर डिक्लेरेशन और पैन डिटेल्स जमा करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, पीपीएम में यह साफ लिखा होगा कि सेबी इस जानकारी को न तो मंजूरी देता है और न ही इसकी गारंटी लेता है।

सेबी के इस कदम से क्या फायदा?

सेबी ने कहा कि यह बदलाव बिजनेस को आसान बनाने और निवेशकों की बढ़ती समझ को ध्यान में रखकर किया गया है। यह नया नियम तुरंत लागू हो गया है और पहले से लंबित आवेदन पर भी लागू होगा (एलवीएफ को छोड़कर)। बाकी पुराने नियम वैसे ही रहेंगे। मार्केट रेग्युलेटर ने चेतावनी दी है कि अगर जानकारी में कोई गड़बड़ी या गलती पाई गई, तो संबंधित संस्थाओं पर नियामक कार्रवाई की जाएगी।

मैं टेंडर कमेटी में नहीं था, मरने से पहले आशीष बनर्जी का खुलासा, सुसाइड नोट में लिखा- मेरी सबसे बड़ी गलती...

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

मेरे पास हथियार है...वाराणसी से मुंबई जा रही फ्लाइट में चली गोलियां, 2 एयरपोर्ट स्क्रीनर को किया घायल

वंदे मातरम पर छिड़ा सियासी संग्राम: बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया गांधी से क्यों मांगी माफी? जानें पूरा विवाद

भारत की मेजबानी में 12वीं BRICS बैठक, दिल्ली में जुटे सदस्य देश, क्लाइमेट चेंज से निपटने का बनेगा एक्शन प्लान