इजराइल के द्वारा लगातार अटैक और अमेरिका की कार्रवाई के चलते ईरान की संसद ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का फैसला लिया है। अगर ईरान की सरकार सच में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करती है, तो इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत पर हो सकता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि ये ऑयल इंपोर्ट का सबसे जरूरी रास्ता है।
कच्चे तेल की कीमत फिलहाल 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। भारत अपनी तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से इंपोर्ट करता है। अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक बढ़ी रही, तो ऑयल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लेना पड़ सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज छोटा सा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। ये समुद्री रास्ता सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है, लेकिन पूरी दुनिया का 20 से 25 प्रतिशत क्रूड ऑयल और 25 प्रतिशत नेचुरल गैस इसी रास्ते से आता है। साथ ही कुवैत, इराक, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के ऑयल टैंकर भी इसी रास्ते से दुनियाभर में पहुंचते हैं। भारत के लिए ये रास्ता इसीलिए भी खास हैं, क्योंकि हमारा 40 प्रतिशत से ज्यादा ऑयल इसी रास्ते से आता है। अगर ये रास्ता बंद हो जाता है, तो ऑयल सप्लाई में रुकावट आ सकती हैं।
अगर ईरान इस रास्ते को बंद करता है, तो ऑयल की सप्लाई होने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स की राय है कि क्रूड ऑयल प्राइस 30 से 50 फीसदी तक बढ़ सकती है। वर्तमान में कच्चे तेल का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पास है। अगर कच्चा तेल महंगा होता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसीलिए उम्मीद की जा रही है कि पेट्रोल 120 रुपये प्रति लीटर हो सकती है। हो जाइए सावधान! ईरान इजराइल टेंशन के असर से महंगे हो सकते हैं गैस सिलेंडर के दाम
भारत सरकार इस मामले पर पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वासन दिया है कि फिलहाल भारत के पास कई हफ्तों का ऑयल स्टोरेज है और ऑयल कंपनियां कई रास्तों से तेल सप्लाई ले रही हैं। पुरी ने कहा है कि हम पिछले दो हफ्तों से मिडिल ईस्ट के मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने ऑयल सप्लाई को विभाजित किया है, जिसके कारण हमारा ज्यादातर ऑयल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई नहीं होता है। साथ ही उन्होंने कहा है कि हमारी तेल कंपनियों के पास फिलहाल कई हफ्तों का स्टॉक है और हम आज जनता को फ्यूल की स्टेबल सप्लाई सुनिश्चित करते हैं।