NSE IPO GMP Today: NSE IPO की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अब बड़ा दिन करीब आ गया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल NSE के शेयर 24 सितंबर को बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं।
आईपीओ बंद होने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि एनएसई के शेयर बाजार में किस कीमत पर एंट्री करेंगे और निवेशकों को कितना लिस्टिंग गेन मिल सकता है।
इश्यू को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी और ग्रे मार्केट में भी एनएसई IPO को लेकर हलचल बनी हुई है। ऐसे में लिस्टिंग से पहले NSE IPO GMP, अलॉटमेंट स्टेटस और संभावित लिस्टिंग प्राइस पर निवेशकों की नजर है।
एनएसई के शेयरों की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को निर्धारित है। आईपीओ शेयरों का आवंटन 22 सितंबर को हुआ, जबकि सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर 23 सितंबर को जमा होने की उम्मीद है।
इन्वेस्टरगेन के अनुसार, 22 सितंबर को एनएसई आईपीओ का GMP 45.5 रुपये था। 1,785 रुपये के ऊपरी इश्यू प्राइस पर यह करीब 1,830.5 रुपये के सांकेतिक मूल्य, यानी लगभग 2.55% प्रीमियम का संकेत देता है।
NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) एक अनौपचारिक और अनियंत्रित संकेतक है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है, इसलिए GMP के आधार पर NSE शेयरों की वास्तविक लिस्टिंग कीमत तय नहीं मानी जा सकती।
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए आवेदन करने वाले निवेशक अपने अलॉटमेंट का स्टेटस रजिस्ट्रार MUFG Intime India के जरिए चेक कर सकते हैं। इसके अलावा NSE और BSE के प्लेटफॉर्म पर भी आवंटन की जानकारी देखी जा सकती है।
NSE IPO को 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में पेश किया गया था। इसका लॉट साइज 8 शेयर तय किया गया था। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर खुदरा निवेशकों के लिए एक लॉट की न्यूनतम निवेश राशि 14,280 रुपये रही।
यह IPO पूरी तरह 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) है। इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए गए हैं। इसलिए IPO से मिलने वाली रकम NSE को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO से जुड़े खर्चों को घटाने के बाद प्राप्त राशि संबंधित विक्रेता शेयरधारकों को मिलेगी।
एनएसई ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों को 3.78 करोड़ शेयर 1,785 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए, जिससे करीब 6,746 करोड़ रुपये जुटाए गए।
कंपनी की बाजार हिस्सेदारी की बात करें तो जून 2026 को समाप्त तीन महीनों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कारोबार के संबंधित मापदंडों में NSE की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72% और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48% हिस्सेदारी थी। इन आंकड़ों के आधार पर NSE भारत के प्रमुख और बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है।