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प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने की पहल तेज! सरकार ने लॉन्च किया नेशनल PNG ड्राइव 3.0, 50 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य

National PNG Drive: प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने और LPG पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पीएनजी के 50 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पीएनजी ड्राइव 3.0 का शुभारंभ किया गया है।

आशीष शुक्ला

Government Launches National PNG Drive 3.0: ऊर्जा मानव जीवन का प्रमुख घटक है। ऊर्जा सीमित है, ऐसे में सरकार ऊर्जा के विकल्पों पर सरकार काम कर रही है। एलपीजी की किल्लत और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार पीएनजी पर विशेष योजना बनाकर काम कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नेशनल पीएनजी ड्राइव 3.0 का शुभारंभ किया।

इसका उद्देश्य देश में पाइप्ड नेचुरल गैस के उपयोग को तेज गति से बढ़ाना और भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को मौजूदा लगभग 6 प्रतिशत से अधिक करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।

गौरतलब है यह अभियान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू किया गया। यह 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलाया जाएगा और इसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पीएनजीआरबी, सिटी गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियां, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां और अन्य हितधारक भागीदारी करेंगे।

एलपीजी की जगह पीएनजी पर फोकस

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य लोगों को LPG से PNG की ओर स्थानांतरित करना, मौजूदा गैस अवसंरचना का अधिकतम उपयोग करना और प्राकृतिक गैस को अधिक घरों तक पहुंचाना है। इसके तहत निष्क्रिय कनेक्शनों को फिर से सक्रिय करने, सीजीडी नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार करने तथा नए उपभोक्ताओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि देशभर में अब तक 6,87,966 इंच-किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा चुका है और इसके आधार पर करीब 1.30 करोड़ अतिरिक्त पीएनजी कनेक्शन देने की क्षमता मौजूद है।

देशभर में होगी पहुंच

प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पीएनजीआरबी ने देशभर में लगभग 34,233 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क को मंजूरी दी है, जिनमें कॉमन कैरियर, स्पर लाइन, टाई-इन कनेक्टिविटी और समर्पित पाइपलाइन शामिल हैं। जून 2025 तक इनमें से 25,429 किलोमीटर नेटवर्क चालू हो चुका था, जबकि 10,459 किलोमीटर पाइपलाइन विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।

केंद्र की मोदी सरकार 'वन नेशन, वन गैस ग्रिड' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें प्रमुख ट्रंक पाइपलाइनों को मंजूरी देना, कम मांग वाले क्षेत्रों में वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराना, एकीकृत टैरिफ प्रणाली लागू करना, सीजीडी नेटवर्क का विस्तार और एलएनजी टर्मिनलों की स्थापना शामिल है।

घरेलू जीवन होगा सुविधाजनक

सरकार के अनुसार, गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक क्लस्टरों और शहरों में स्वच्छ, भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और घरेलू जीवन अधिक सुविधाजनक बनेगा।

औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर प्राकृतिक गैस की उपलब्धता विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगी, नए निवेश आकर्षित करेगी, परिचालन लागत घटाएगी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।

वहीं, सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार से सीएनजी और पीएनजी का उपयोग बढ़ेगा, जिससे स्वच्छ परिवहन और घरेलू ऊर्जा खपत को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।.....एजेंसी इनपुट के साथ।

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