

Bumper Jump In GST Collection: पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक खबर सुकून देने वाली है। सितंबर महीने में देश का कुल GST कलेक्शन 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2,03,521 करोड़ पर पहुंच गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह लगातार तीसरा महीना है जब देश का मासिक टैक्स कलेक्शन 2 लाख करोड़ के आंकड़े के पार रहा है। इस भारी-भरकम बढ़त से साफ है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद त्योहारों से ठीक पहले देश के बाजारों में रौनक और व्यापार की रफ्तार बेहद मजबूत है।
केंद्र सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में कुल कलेक्शन को तीन अलग-अलग हिस्सों में बाटा जा सकता है।
केंद्रीय जीएसटी कलेक्शन: सरकार के खजाने में केंद्रीय हिस्से के रूप में: ₹37,762 करोड़ आए हैं।
राज्य जीएसटी कलेक्शन: राज्यों के हिस्से में जाने वाला टैक्स: ₹45,363 करोड़ प्राप्त हुए हैं।
एकीकृत जीएसटी कलेक्शन: ₹1,20,396 करोड़ रहा है।
घरेलू बाजार और आयात ने बढ़ाई रफ्तार
सितंबर महीने में टैक्स कलेक्शन में आई तेजी की मुख्य वजह विदेशों से होने वाले आयात और घरेलू बाजार में ग्राहकों के द्वारा की गई खरीदारी में बढ़ोत्तरी है। आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार से मिलने वाले टैक्स में 10.1 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जो अब बढ़कर 1.38 लाख करोड़ हो गया है। वहीं दूसरी तरफ, रिफंड देने के बाद सरकार की शुद्ध कमाई यानी नेट GST रेवेन्यू में भी 18.1 प्रतिशत का शानदार उछाल देखने को मिला है, जो 1,76,520 करोड़ रहा।
पहली छमाही में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन
अगर मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर तक के 6 महीनों की बात करें, तो सरकार की झोली में कुल 12,46,278 करोड़ का ग्रॉस टैक्स आया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.6 प्रतिशत ज्यादा है।
इससे पहले अगस्त के महीने में भी GST कलेक्शन 14.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,99,853 करोड़ रहा था, जिसने सितंबर की इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता की नींव रखी। ध्यान देने वाली बात जब पूरी दुनिया में उथल-पुथल और महंगाई के ग्राफ में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है, ऐसे समय में जीएसटी में वृद्धि दर्ज होना देश के लिए सकारात्मक है।
GST काउंसिल बैठक पर टिकीं नजरें
7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की अगली बड़ी बैठक होनी है। कारोबारियों और आम जनता की नजरें बैठक पर टिकी हुई हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में टैक्स की दरों में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके बजाय, सरकार GST 2.0 के तहत टैक्स भरने की प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर जोर देगी।