जॉनसन एंड जॉनसन, (सोर्स- सोशल मीडिया)  
बिज़नेस

जॉनसन बेबी पाउडर से कैंसर! समझौते के लिए 52 हजार करोड़ रुपये मुआवजा देगी कंपनी, जानिए क्या है पूरा मामला

Johnson and Johnson Talk Powder: फार्मास्यूटिकल कंपनी ने कहा कि उसके खिलाफ केस करने वालों लोगों को 2027 तक 3 बिलियन डॉलर (28,705 करोड़ रुपये) देने का ऑफर दिया है। बाकी के पैसे 2028 में दिए जाएंगे।

मनोज आर्या

Johnson and Johnson Talk Powder Controversy: मशहूर बेबी केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन हजारों मुकदमों के निपटारे के लिए करीब 5.5 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। भारतीय करेंसी के हिसाब से यह 52,639 करोड़ रुपये होगा। करीब 76,000 दावों से जुड़ा यह ऐतिहासिक समझौता एक दशक से जारी कानूनी विवाद पर विराम लगा सकता है। यह एक ऐतिहासिक समझोता है, जिससे पिछले एक दश्क से चली आ रही विवादास्पद कानूनी लड़ाई खत्म होने की संभावना है, जिनमें आरोप है कि उसके टैल्कम पाउडर वाले प्रोडक्ट्स से ओवेरियन कैंसर होता है।

फार्मास्यूटिकल कंपनी ने कहा कि उसके खिलाफ केस करने वालों लोगों को 2027 तक 3 बिलियन डॉलर (28,705 करोड़ रुपये) देने का ऑफर दिया है। बाकी पेमेंट 2028 के बाद किया जाएगा। जॉनसन एंड जॉनसन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसे उम्मीद है कि इस सेटलमेंट से "बेबुनियाद 15 साल का केस" खत्म हो जाएगा। यह सेटलमेंट कंपनी के खिलाफ लगभग 76,000 क्लेम से जुड़ा है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ने के लिए कम से कम 95 प्रतिशत दावेदारों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्मों द्वारा स्वीकार किया जाना चाहिए।

कैंसर के आरोपों पर कंपनी का जवाब

जॉनसन एंड जॉनसन पर कई सालों से आरोप लगते रहे हैं कि उसके प्रोडक्ट्स, जिसमें बेबी पाउडर भी शामिल है, टैल्कम पाउडर में कैंसर पैदा करने वाला एस्बेस्टस होता है। न्यू जर्सी की इस फर्म ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि उसके प्रोडक्ट्स से कैंसर होता है। कुछ साइंटिफिक स्टडीज से पता चला है कि जेनिटल एरिया में टैल्क इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन दूसरों में ऐसा नहीं होता।

'मुकदमों में साइंटिफिक मेरिट की कमी'

2020 में कंपनी ने नॉर्थ अमेरिका में अपने टैल्क-बेस्ड बेबी पाउडर को छोड़कर कॉर्नस्टार्च-बेस्ड फार्मूला पर भरोसा किया और 2023 में अपनी ग्लोबल सेल्स के लिए भी ऐसा ही किया। दोनों ही मामलों में जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा कि वह अपने सामान के पोर्टफोलियो को आसान बनाना चाहती थी और टैल्क-बेस्ड प्रोडक्ट की सुरक्षा का बचाव किया। जॉनसन एंड जॉनसन के लिटिगेशन वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि इन मुकदमों में साइंटिफिक मेरिट की कमी है।

समझौते से लंबे समय बाद लोगों को न्याय

एरिक हास ने एक बयान में कहा कि हमें भरोसा है कि कंपनी आगे के मुकदमें में आखिरकार जीत जाती, जैसा कि अब तक किए गए ज्यादातर मामलों में हुआ है। यह समाधान कंपनी को इस मामले को पीछे छोड़ने की इजाजत देता है। कुछ केस लड़ने वालों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील क्रिस सीगर ने एक बयान में इस समझौते को लंबे समय से रुके हुए न्याय का एक सही उपाय बताया।

दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली पर सस्पेंस, CTI ने अखिलेश-ममता-उद्धव समेत नेताओं से की तारीख बदलने की मांग

सरदार पटेल ने 1,218 दिन में कैसे किया असंभव काम? राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले अमित शाह, दिलाई शपथ

151वीं जयंती पर देखिए सरदार वल्लभभाई पटेल की ऐतिहासिक तस्वीरें और उनसे जुड़ी कहानियां

प्रियंका गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के साथ शेयर की तस्वीर, 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया

दिल्ली में 75 लाख लोगों की आजीविका दांव पर, CTI ने दिए कई विकल्प, पर नहीं सुन रहे राहुल गांधी