अगले साल पेश हो सकता है जेप्टो का आईपीओ 
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स्विगी के बाद IPO लाने की तैयारी में जुटा Zepto, कंपनी के सीईओ ने बताई कब होगी लॉन्चिंग

जेप्टो ने कहा है कि वह पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व वाली इकाई बनने और प्रॉफिट बनाने के रास्ते पर है। कंपनी ने हाल ही में प्रमुख घरेलू निवेशकों से 35 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण जुटाया है। 

मनोज आर्या

नई दिल्ली: रोजमर्रा के जरूरत के सामान की इंस्टैंट डिलीवरी करने वाली कंपनी जेप्टो अब आईपीओ लाने जा रही है। जेप्टो ने कहा है कि वह पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व वाली इकाई बनने और प्रॉफिट बनाने के रास्ते पर है। कंपनी ने हाल ही में प्रमुख घरेलू निवेशकों से 35 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण जुटाया है।  कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित पालिचा 2025 में कंपनी के आईपीओ को लेकर विचार कर रहे हैं।न्यूज एंजेसी पीटीआई से बातचीत में पालिचा ने पारंपरिक किराना दुकानों की बढ़ोतरी में रुकावट के आरोपों का खंडन किया।

उन्होंने कहा कि ये बातें वास्तविक आंकड़ों पर आधारित नहीं हैं और रोजगार सृजन सहित उद्योग द्वारा अब तक हासिल किए गए शुद्ध सकारात्मक (परिणामों) को कम करके आंकते हैं। पालिचा ने कहा कि जेप्टो जैसे 10 मिनट में डिलीवरी वाले मॉडल ने लाखों नौकरियां पैदा की हैं, वेतन में वृद्धि की है, तथा उपभोक्ताओं और श्रमिकों दोनों के लिए फायदा ही पहुंचाया है।

पालिचा ने आरोपों का किया खंडन

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि किराने का सामान और डेली यूज के सामानों के लिए बड़े पैमाने पर क्रियान्वित इंस्टैंट कॉमर्स मॉडल अभूतपूर्व है। यह वैश्विक स्तर पर पर बेजोड़ है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय प्रौद्योगिकी की अद्वितीय ताकत को दर्शाता है। आंकड़ों और संख्याओं के साथ पालिचा ने खुदरा वितरकों के एक समूह द्वारा लगाए गए बाजार खराब करने वाली कीमतों जैसे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मंच पर बेचे जाने वाले 99.8 प्रतिशत उत्पाद लागत से अधिक कीमत पर बिकते हैं। उन्होंने कहा कि सही मायने में पिछले कुछ वर्षों में इंस्टैंट कॉमर्स के बारे में बनाए गए विचार सही नहीं है और आंकड़े भी इसकी पुष्टि नहीं करते हैं। अत: बाजार खराब करने वाले मूल्य निर्धारण का आरोप वास्तव में सही नहीं है।

ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की कोशिश

खाद्य गुणवत्ता सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्होंने माना कि इसको लेकर चिंताएं हैं कि उद्योग किस तरह से प्रक्रियाओं को उपभोक्ता-अनुकूल बना सकता है। पालिचा ने कहा कि उद्योग इस जांच का स्वागत करता है और कंपनी के हित ग्राहकों के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए हम एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के साथ विवाद में नहीं हैं... हम उन्हें एक भागीदार के रूप में देखते हैं जो हमारे ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने में हमारी मदद कर सकता है।

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