नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन, (फाइल फोटो) 
बिज़नेस

मसाले ही नहीं...भारत की इस खास चीज के दीवाने हैं रशियन, डिमांड इतनी कि जानकर उड़ जाएंगे होश

India-Russia Trade: रूस का मार्केट भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। खासकर मसाले, चावल, चाय और फार्मा उत्पादों में भारतीय ब्रांड तेजी से अपनी जगह बना चुके हैं।

मनोज आर्या

Indian Products Demand In Russia: भारत बड़े पैमाने पर रूस से क्रूड ऑयल खरीदता है। इसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पेनाल्टी के रूप में 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगा चुके हैं। जिसके बाद से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ चुकाना पड़ता है। हालांकि, भारत और रूस के बीच कारोबार सिर्फ क्रूड ऑयल तक ही सीमित नहीं है। इसका दायरा फार्मास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स, प्रोसेस्ड फूड, इंटीरियर, इलेक्ट्रॉनिक जैसे तमाम अलग-अलग सेगमेंट्स में बढ़ता जा रहा है।

भारत और रूस के बीच बीच आज के समय में 68 बिलियन डॉलर से ज्यादा का कारोबार होता है। भारत के कई ऐसे उत्पाद हैं, जो काफी तेजी से रूस के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं। भारतीय खाद्य उत्पाद का रूस में काफी मांग है। यहां का बासमती चावल और मसाला काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत से रूस बड़े पैमाने पर किन सारी चीजों को खरीदता है।

भारतीय चाय और मसाले का बोलबाला

भारतीय चाय और मसालों की खुशबू पूरी दुनिया में पहचान बना चुकी है। रूस भी इससे बचा नहीं है, वहां भी इनकी काफी मांग है। बीते कुछ सालों में यहां भारतीय मसाला चाय का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। कड़ाके की ठंड में यहां लोग मसाला चाय की चुस्की लेकर इसका लुत्फ उठाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, रूस के किसी भी शहर के सुपरमार्केट में आपको दालचीनी, तेजपत्ता, हल्दी, गरम मसाला, इलायची, लौंग जैसे भारतीय मसाले बड़े आराम से मिल जाएंगे। रूस भारत से बड़े पैमाने पर दालें भी खरीदता है। खासकर, मसूर दाल। इसके अलावा, रूस भारत से मूंग, चना दाल और पीली मटर की दाल का भी आयात करता है। भारत से रूस में कॉफी, चावल, केला, पपीता, प्रोसेस्ड फूड, मीट भी भेजा जाता है।

बासमती चावल का दिवाना है रूस

रूस भारत के खूबसूरत, हाई क्वॉलिटी के बासमती चावल का भी दीवाना है। यहां इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। न केवल ये सुंगधित और खाने में टेस्टी होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी यह काफी फायदेमंद है क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा पाए जाते हैं और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में भारत से भर-भरकर रूस के लिए बासमती चावल भी भेजा जाता है।

भारत रूस को बड़ी मात्रा में सब्जियां भी एक्सपोर्ट करता है। इस लिस्ट में अंगूर, किशमिश और सूखी सब्जियों के साथ-साथ प्याज, पत्तागोभी, लहसुन, अदरक और जड़ वाली सब्जियां शामिल हैं। भारत के एक्सपोर्ट डेटा के अनुसार, 2024-25 में रूस को सब्जी प्रोडक्ट्स का टोटल एक्सपोर्ट 75,229,407 डॉलर का था।

टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स का मांग

भारत से रूस को कपड़े भी खूब भेजे जाते हैं। इनमें रेशम से बने कपड़ों से लेकर सूती वस्त्र भी शामिल हैं। भारत रूस से इसके लिए कच्चा माल भी खरीदता है। पिछले कुछ सालों में एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी के साथ भारत रूस का टॉप फार्मास्यूटिकल रिसोर्स बन गया है. इंडिया एक्सपोर्ट डेटा के अनुसार, 2024-25 में रूस के लिए इंडिया का फार्मास्यूटिकल एक्सपोर्ट 520,549,626 डॉलर का था।

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