IBM साल 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को AI, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में शिक्षित करेगी (सोर्स-सोशल मीडिया)  
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IBM का बड़ा धमाका: 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को मिलेगी AI और क्वांटम तकनीक की फ्री ट्रेनिंग

Indian Youth Training: दिग्गज टेक कंपनी IBM साल 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को AI, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में शिक्षित करेगी। इस पहल का उद्देश्य देश में डिजिटल कार्यबल को मजबूत करना है।

प्रिया सिंह

IBM Skills Build AI Mission: प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आईबीएम (IBM) ने भारत में डिजिटल साक्षरता को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की है। कंपनी ने संकल्प लिया है कि वह साल 2030 तक 50 लाख भारतीय छात्रों और युवाओं को भविष्य की तकनीक सिखाएगी। इस अभियान के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उन्नत विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल के जरिए भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर नौकरी के लिए तैयार और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

आईबीएम स्किल्सबिल्ड: भविष्य के कार्यबल का निर्माण

आईबीएम की यह महत्वाकांक्षी योजना मुख्य रूप से 'स्किल्सबिल्ड' (SkillsBuild) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएगी। यह एक ऐसा डिजिटल शिक्षा मंच है जो छात्रों और वयस्कों को नौकरी-केंद्रित स्किल्स तक आसान पहुंच प्रदान करता है। कंपनी का उद्देश्य तकनीक की शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। इसके लिए स्कूल, विश्वविद्यालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर AI और अन्य उभरती हुई तकनीकों के पाठ्यक्रम का विस्तार किया जाएगा ताकि हर वर्ग के युवा इसका लाभ उठा सकें।

एआईसीटीई और सरकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी

इस मिशन को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए आईबीएम, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) जैसी सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस साझेदारी के तहत एआई-केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा हैकथॉन और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा जिससे छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। इससे छात्रों और शिक्षकों के बीच आधुनिक तकनीक की समझ विकसित होगी।

स्कूलों में AI शिक्षा पर विशेष ध्यान

आईबीएम केवल कॉलेजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि वह स्कूलों में भी AI शिक्षा की नींव मजबूत कर रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक छात्रों के लिए विशेष AI पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। शिक्षकों को बेहतर ढंग से सिखाने के लिए 'प्रोजेक्ट कुकबुक' और 'शिक्षक मार्गदर्शिका' जैसे मॉड्यूल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर कंप्यूटेशनल सोच विकसित करना और उन्हें जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ देना है ताकि वे कम उम्र से ही भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

भारत में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता

आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा ने इस योजना पर विश्वास जताते हुए कहा कि भारत में एआई और क्वांटम तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता है। उनके अनुसार इस योजना से युवाओं को न केवल नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा बल्कि वे नवाचार के जरिए देश के विकास में भी योगदान दे सकेंगे। स्किल्सबिल्ड प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में 1,000 से अधिक कोर्सेस उपलब्ध हैं जिनमें क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और प्रोफेशनल स्किल्स जैसे विषय शामिल हैं जो युवाओं के करियर को नई दिशा देंगे।

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