GST Reforms: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3-4 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने की मंजूरी मिल गई है। अब जीएसटी के तहत केवल 2 टैक्स स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रहेंगे। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा। 8 साल बाद जीएसट में हुए सुधार का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा, क्योंकि कई जरूरी की चीजें सस्ती हो जाएंगी। हालांकि, लोगों के लोगों का सवाल है कि जीएसटी में हुए सुधार से उनकी कितनी बचत होगी। इसको लेकर सरकार ने अब एक जुगाड़ निकाल लिया है, जिसके तहत आपको नए और पुराने जीएसटी में सीधा फर्क दिख जाएगा।
दरअसल, जीएसटी दर में बदलाव के बाद सरकार ने Savingwithgst.in के नाम से एक वेबसाइट शरू की है। इसकी मदद से आप नई जीएसटी दर और पुरानी जीएसटी दर के बीच प्रोडक्ट्स की कीमतों में आने वाले अंतर को तुलना कर सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि जीएसटी सुधार के बाद आपको किस सामान पर कितने रुपये की बचत होने वाली है।
बता दें कि इस वेबसाइट की शुरुआत My Gov प्लेटफॉर्म की तरफ से की गई है। इसमें कई अलग-अलग तरह की कैटेगरीज हैं। जैसे कि खाने-पीने की चीजों की अलग कैटेगरी, स्नैक्स आइटम्स, किचन आइटम्स, इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजों की अलग कैटेगरी है। किस सामान पर आपको कितने रुपये की बचत होगी यह देखने के लिए सबसे पहले आपको अपनी पसंदीदा सामान को सेलेक्ट कर कार्ट में डालना होगा।इसके बाद कार्ट की बेस प्राइस, वैट समय की कीमत और नेक्स्ट-जेन जीएसटी के बाद की कीमत दिखाई देगी।
इस तरह आप पता लगा सकते हैं कि किस प्रोडक्ट पर आपको कितना बचत होने वाला है। मान लीजिए कि आपने कार्ट में मिल्क पैकेट को सेलेक्ट किया है, तो 60 रुपये प्रति लीटर दूध की कीमत वैट के साथ 63.6 रुपये और नेक्सट-जेन जीएसटी के तहत 60 रुपये दिखाई जाएगी।
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जीएसटी रेट कटौती से डेली इस्तेमाल की चीजें जैसे कि पैकेज्ड फूड आइटम्स पर सीधी बचत होगी। इसके अलावा अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) दूध, प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले छेना या पनीर और सभी भारतीय ब्रेड जैसे उत्पादों पर अब अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इन सभी उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है। वहीं, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टेबलवेयर और साइकिल जैसे घरेलू सामान पर जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत हो गया है।