निर्मला सीतारमण (सौजन्य : सोशल मीडिया) 
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोलंबिया में भारत की इकोनॉमिक स्थिति की की जमकर तारीफ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिलहाल कोलंबिया विश्वविद्यालय में संबोधन दिया है, जिसमें उन्होंने पिछले 1 दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था में आए हुए बदलाव के बारे में जानकारी दी है।

अपूर्वा नायक
न्यूयॉर्क :  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हाल ही में कोलंबिया यूनिवर्सिटी पहुंची थी। जहां उन्होंने मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद होने वाले इकोनॉमिक बदलाव के बारे में बात की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल काफी चैलेंजिंग हो सकता है, लेकिन भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे हमारे देश की इकोनॉमी ग्रोथ के नए अवसर का लाभ उठाने का मौका मिल सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने इस संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया है कि जब देश अपनी सप्लाई चैन का वैल्यूएशन कर रहे हैं, तो हमारे देश को उम्मीद है कि वो गुड्स और सर्विस के सोर्सेज में विविधता लाने की इच्छा रखने वाले की देशों के लिए एक अहम पार्टनर साबित हो सकता है।

चुनौतीपूर्ण तथा अनिश्चित ग्लोबल माहौल

सीतारमण ने सोमवार को कोलंबिया विश्वविद्यालय में ‘चुनौतीपूर्ण तथा अनिश्चित ग्लोबल माहौल के बीच भारत की आर्थिक मजबूती व संभावनाएं' विषय पर स्पेशल लेक्चर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत लोकल कैपेसिटी को बढ़ाने तथा बाहरी झटकों के प्रति मजबूती विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

नए अवसर का लाभ

सीतारमण ने कहा है कि हालांकि पिछले दशकों में व्यापक बहुपक्षीय ट्रेड के कारण ग्लोबल बढ़त हुई है लेकिन मेरा मानना ​​है कि आने वाले साल रणनीतिक इकोनॉमिकल पार्टनरशिप द्वारा परिभाषित होंगे और भारत इस ट्रांसफॉर्मेशन का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमिक वातावरण चुनौतियां पेश कर सकता है, लेकिन भारत वृद्धि के नए अवसरों का लाभ उठाने की बेहतर स्थिति में है।

एक प्रमुख भागीदार

वित्त मंत्री ने कहा है कि, ‘‘ अधिक विखंडित ग्लोबल इकोनॉमी की ओर बढ़ना, जिसमें पुनर्परिभाषित गठबंधन तथा बदलते ट्रेड ट्रेंड शामिल हैं, वास्तव में भारत के लिए लाभकारी हो सकता है। जैसे-जैसे राष्ट्र अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्मूल्यांकन करते हैं, भारत को उम्मीद है कि वह वस्तुओं व सेवाओं के अपने स्रोतों में विविधता लाने की चाह रखने वाले कई देशों के लिए एक प्रमुख भागीदार बन जाएगा।''

TCS का किया दौरा

भारत की इकोनॉमिकल पॉलिसी पर इस व्याख्यान का आयोजन कोलंबिया के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में दीपक एवं नीरा राज सेंटर द्वारा किया गया था। सीतारमण मैक्सिको की यात्रा पूरी करने के बाद रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचीं। मैक्सिको में उन्होंने ग्वाडलजारा में टेक लीडर्स राउंडटेबल की अध्यक्षता की थी। मंत्री ने ग्वाडलजारा में टीसीएस मुख्यालय का दौरा भी किया था।

भारत में निवेश के अवसर

न्यूयॉर्क में उन्होंने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में ‘भारत में निवेश के अवसर' पर एक राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। साथ ही आईबीएम के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ अरविंद कृष्ण के साथ उन्होंने भारत के 10 सालों में आए इकोनॉमिक सुधारों तथा इकोनॉमिक ग्रोथ पर एक चर्चा में हिस्सा लिया।

G7 में लेगी हिस्सा

न्यूयॉर्क से सीतारमण वाशिंगटन डीसी जाएंगी। वहां वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ तथा वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठकों, जी-20 वित्त मंत्रियों व केंद्रीय बैंक गवर्नर यानी एफएमसीबीजी की बैठकों, जी-20 एफएमसीबीजी, पर्यावरण मंत्रियों एवं विदेश मंत्रियों की संयुक्त बैठक और जी-7 - अफ्रीका मंत्रिस्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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