Entertainment Industry thetopindia Survey News: सोशल मीडिया और गूगल ट्रेड्स पर इन दिनों एक कीवर्ड 'thetopindia survey' काफी तेजी से चल रहा है। दरअसल, न्यूज वेबसाइट द टॉप इंडिया ने एक सर्वे के हवाले से दावा किया है कि देश की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कैमरे के पीछे काम करने वाले हजारों लोगों की कमाई पिछले कुमच महीनों में 50 से 60 प्रतिशत तक कम हुई है। रिपोर्ट में किए दावे के अनुसार, यह सर्वे टीवी और डिजिटल कंटेट से जुड़े 1,000 से ज्यादा लोगों के सैंपल पर आधारित है।
आपको बता दें कि यह क्लेम किसी स्वतंत्र विश्वसनीय सोर्स या मान्यता प्राप्त इंडस्ट्री संस्था की ओर से पुष्टि नहीं है। लेकिन भारत के इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में चल रही असल आर्थिक हलचल इस चर्चा को प्रासंगिक जरूर बनाती है।
द टॉप इंडिया रिपोर्ट की मानें तो, सर्वे में शामिल कई लोगों ने कहा कि उन्हें रेगुलर काम नहीं मिल रहा, जो काम मिल रहा उसका पेमेंट पहले के मुकाबले काफी कम है। वेबसाइट का दावा है कि असिस्टेंट डायरेक्टर, लाइटमैन, कैमरा ऑपरेटर, मेकअप आर्टिस्ट, प्रोडक्शन क्रू और कैरेक्टर आर्टिस्ट जैसे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्ट में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि मुंबई के अंधेरी, जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में साधारण फ्लैट का रेंट लगभग 50,000 रुपये महीना है, जिससे प्रोजेक्ट बेस्ड इनकम पर निर्भर रहने वाले आर्टिस्टों को गुजारा करने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अब उन आकंड़ों को भी जान लेते हैं, जिनकी विश्वसनीय रिपोर्टिंग मौजदू है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री वाकई एक कठिन दौर से गुजर रही है। जहां साल 2023 में लगभग 218 फिल्में रिलीज हुई थीं (स्ट्रीमिंग पर सीधे आईं फिल्मों समेत), वहीं साल 2024 में फिल्मों की संख्या घटकर सिर्फ 137 रह गई। ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स ने भी ओरिजिनल कंटेंट घटाया है। एक बड़े प्लेटफॉर्म ने 2023 के 10 ओरिजिनल शो/फिल्मों के मुकाबले 2024 में सिर्फ 5 बनाए और हॉटस्टार ने 17 से घटाकर 11 टाइटल किए। Ormax Media के आंकड़ों के मुताबिक, सिनेमा देखने वालों की संख्या 2019 के 1.03 अरब से गिरकर 2025 में 83.2 करोड़ रह गई।
द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया (The Hollywood Reporter India) की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री अपने सबसे कठिन दौर में है, जहां सिर्फ टॉप स्टार और बड़े फिल्ममेकर्स के अलावा लगभग सभी पर पे-कट और घटते काम का असर है। द प्रिंट की रिपोर्ट में तकनीकी कर्मी ने बताया कि बड़े प्रोडक्शन हाउस पहले स्टार और उनकी टीम को पेमेंट करते हैं, छोटे कर्मी सबसे आखिर में आते हैं।
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इसलिए कई लोग अब टीवी या तेलुगु फिल्मों में काम तलाशते हैं। यानी thetopindia survey के दावे की दिशा भले ही इंडस्ट्री की चिंता से मेल खाती हो, पर उसके सटीक आंकड़े (50-60% गिरावट, 1,000 का सैंपल) स्वतंत्र रूप से जांचे नहीं जा सके हैं।