(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
बिज़नेस

बस और ट्रेन नहीं, भारतीयों को पसंद आ रहा प्लेन का सफर! अगस्त में तेजी से बढ़ा घरेलू हवाई यात्रा

Domestic Air Passengers: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने इस सेक्टर के लिए आउटलुक स्थिर रखा है, जो वित्त वर्ष 26 में घरेलू हवाई यात्री यातायात में 4-6 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की उम्मीदों पर आधारित है।

मनोज आर्या

India's Domestic Flight Travellers: भारत का विमानन उद्योग परिचालन चुनौतियों के बावजूद मजबूत बना हुआ है। अगस्त में घरेलू हवाई यात्री यातायात में सालाना आधार पर 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने इस सेक्टर के लिए आउटलुक स्थिर रखा है, जो वित्त वर्ष 26 में घरेलू हवाई यात्री यातायात में 4 से 6 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की उम्मीदों पर आधारित है।

विश्लेषकों ने संकेत दिया है कि आपूर्ति-श्रृंखला और इंजन फेलियर की मौजूदा समस्याओं के बावजूद एटीएफ की कम लागत और मजबूत यील्ड एयरलाइनों को अल्पकालिक चुनौतियों को मैनेज करने में मदद करेंगे। वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों को नए एयरपोर्ट से जोड़ने के कारण भी घरेलू यात्रियों की संख्या में यह इजाफा देखने को मिला है।

अगस्त 2025 में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या

रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त 2025 में घरेलू हवाई यात्री यातायात 131.7 लाख रहा, जबकि अगस्त 2024 में यह 131.3 लाख था, जो सालाना आधार पर 0.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। क्रमिक आधार पर, अगस्त 2025 में घरेलू हवाई यात्री यातायात 4.5 प्रतिशत अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 के पांच महीनों में घरेलू हवाई यात्री यातायात 677.5 लाख रहा, जो सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

ICRA ने घटाया अनुमान

आईसीआरए ने हालिया हवाई दुर्घटना त्रासदी के बाद सीमा पार तनाव और यात्रा में हिचकिचाहट का हवाला देते हुए, इस वित्त वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात वृद्धि अनुमानों को पहले के 15-20 प्रतिशत से संशोधित कर 13-15 प्रतिशत कर दिया है। सितंबर 2025 में विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतें क्रमिक आधार पर लगभग 1.4 प्रतिशत घटी थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इंजन की खराबी और आपूर्ति-श्रृंखला में व्यवधान के कारण विमान बेड़े का एक बड़ा हिस्सा रुका हुआ है, जिससे वेट लीज और रखरखाव की लागत बढ़ गई है।

एविएशन इंडस्ट्री के सामने ये चुनौतियां

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 25 में उद्योग को पायलटों और केबिन क्रू की उपलब्धता से संबंधित चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कई उड़ानें रद्द और विलंबित हुईं। हालांकि, अच्छी यील्ड, हाई पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) और इंजन ओईएम से आंशिक मुआवजा, कुछ हद तक इस प्रभाव को कम करने में मदद कर रहे हैं।

इनके आगे गिरगिट भी शर्मिंदा...CM योगी ने कांग्रेस के दोहरे आचरण पर बोला हमला, राहुल को ग्रंथ पढ़ने की दी नसीहत

BRICS मीटिंग से पहले अजीत डोभाल का चीन दौरा, रिश्तों में फिर आई तेजी, अगले महीने दिल्ली आ सकते हैं शी जिनपिंग

मछली शाकाहारी से आस्था का अपमान तक, अजय राय के भोज पर गरमाई सियासत, कहा- कथनी और करनी में अंतर

Monsoon Alert: बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, ओडिशा-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश से मचेगा हाहाकार

Explainer: स्पेस से ही दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाएगा भारत, दोहरी सुरक्षा तय, क्या है Space-Eye टेक्निकलॉजी?