शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वरी) 
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अब विदेशी ताकतों के भरोसे नहीं रहेगा शेयर बाजार! 20% के पार पहुंची घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी

Share Market: रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तिमाही तक डीआईआई के पास निफ्टी 50 की करीब 24.8 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी लगभग 24.3 प्रतिशत रही।

मनोज आर्या

DIIs In Indian Share Market: भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और यह अब 20 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 की चौथी तिमाही में डीआईआई ने 23.4 अरब डॉलर का निवेश भारतीय शेयर बाजार में किया था। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा 90.1 अरब डॉलर था।

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि डीआईआई की खरीदारी ने न केवल एफआईआई की बिकवाली को संभालने में मदद की है, जो कि 2025 में 18.8 अरब डॉलर थी, बल्कि आईपीओ और एफपीओ के माध्यम से कंपनियों की ओर से पिछले साल जुटाए गए 1.95 लाख करोड़ रुपए की राशि को भी फंड करने में मदद की है।

शेयर मार्केट में लगातार बढ़ रही DIIs की हिस्सेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 के बाद से शेयर बाजार में डीआईआई की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और अब यह निफ्टी 500 में बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, एफआईआई की हिस्सेदारी 18.4 प्रतिशत हो गई है। बीते एक साल में निफ्टी 500 में डीआईआई की हिस्सेदारी में 2.10 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 0.60 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एफआईआई की हिस्सेदारी में सालाना आधार पर 0.50 प्रतिशत की कमी और तिमाही आधार पर 0.10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तिमाही तक डीआईआई के पास निफ्टी 50 की करीब 24.8 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी लगभग 24.3 प्रतिशत रही।

विदेशी निवेशकों की घटी हिस्सेदारी

विश्लेषकों ने बताया कि एफआईआई की हिस्सेदारी पिछले आठ तिमाहियों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जबकि घरेलू पूंजी निवेश में मजबूती आई है। उनका कहना है कि यह बदलाव अस्थायी नहीं, बल्कि संरचनात्मक है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में 3.34 लाख करोड़ रुपये की एसआईपी निवेश राशि, पेंशन फंड की बढ़ती भागीदारी और नई एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के आने से घरेलू निवेश तेजी से बढ़ा है।

कैसी रही विदेशी निवेशकों की चाल

संस्थागत विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में करीब 1950 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर नेट-नेट करीब 936 करोड़ रुपये की बिकवाली रही। वहीं घरेलू फंड्स ने लगातार चार दिन खरीदने के बाद करीब 1265 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। आज बाजार की दिशा तय करने में एफआईआई और डीआईआई फ्लो अहम रहने वाले हैं।

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