Crude Oil Price Drop: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से नीचे आ गया और फिलहाल लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
इसके अलावा अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी आई है। WTI कच्चे तेल 4.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करना नजर आ रहा है। इस तरह दोनों प्रमुख ही अनुबंधों 7 मई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। कच्चे तेल की कीमत में आई यह गिरावट भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
इस संभावित समझौते से भारत के नजरिए से सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबे समय से जारी तनाव में कमी आएगी। जिससे होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता मिलेगा। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवे हिस्से का तेल और एलएनजी का परिवहन इसी रास्ते से होता था। इस क्षेत्र में तनाव कम होने से भारत में गैस और तेल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी। इससे भारत में एलपीजी और तेल की किल्लत का संकट पूरी तरह से टल जाएगा। इसके अलावा सप्लाई चेन भी मजबूत होगा।
कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदें है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका और ईरान जल्द ही एक बड़ा और अहम समझौता करने वाले है। जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए है कि दोनों देश एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन करने के बेहद करीब है। ट्रंप के मुताबिक, बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। इस समझौते के तहत मध्य पूर्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित बनाया जाएगा।
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ट्रंप के दावा के बाद भले ही दुनिया में खुशी की लहर है, लेकिन इससे उलट विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेतावनी जारी है। उनका कहना है कि पूरी तरह जश्न मनाना फिलहाल जल्दबाजी होगी। क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने समझौते को लेकर कहा है कि उन्हे इसे फाइनल करने के लिए कोई जल्दी नहीं, जो यह दिखाता है कि मार्केट में फिलहाल उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।