मई में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आज करीब 3 रुपए की बढ़ोतरी, देखें MP के शहरों की रेट लिस्ट

Petrol Diesel Price Hike: देश में इस महीने चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। मई में पेट्रोल-डीजल कुल 8 रुपए महंगा हो चुका है। राजधानी भोपाल में पेट्रोल 114 रुपए के पार पहुंचा।
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MP Petrol Diesel News: ऑयल कंपनियों ने करीब 11 दिन के अंदर पेट्रोल और डीजल के रेट में फिर बढ़ोतरी की है। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। मध्य प्रदेश में यह रेट 3 रुपए तक बढ़े हैं। नए रेट सामने आने के बाद अब एमपी में डीजल 100 रुपए पार हो गया है, जबकि पेट्रोल के 116 रुपए या इससे ज्यादा कीमत हो गई है।

9 दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमत में चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। पिछली बार 15 मई 2026 को पहली बार करीब 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई। 19 मई 2026 को दूसरी बार करीब 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ाए गए। तीसरी बार 23 मई 2026 को 87-91 पैसे प्रति लीटर तक कीमत बढ़ी और आज 25 मई को चौथी बार करीब 3-3 रुपए का इजाफा हुआ है। इस तरह इस महीने अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपए महंगा हो चुका है।

MP के शहरों में पेट्रोल-डीजल का रेट

नए रेट के मुताबिक, भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए में हो गई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे ज्यादा महंगा है। डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिलेगा। इंदौर में 114.54 रुपए में पेट्रोल और 99.57 रुपए में डीजल दिया जाएगा। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें बढ़ी है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

दाम में बढ़ोतरी का असर

पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई के रूप में देखने को मिलेगा। ईंधन महंगा होने से ट्रक का मालभाड़ा बढ़ेगा और दूसरे राज्यों से आने वाले फल-सब्जियां और दूसरे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इसके साथ ही डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ जाएगी। सार्वजनिक परिवह बस और ऑटो के किराये में भी बढ़ोतरी हो जाएगी।

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