मैक्सिको में प्रदर्शन की तस्वीर-इमेज-सोशल मीडिया 
बिज़नेस

जेन-जी आंदोलन से जूझ रहे मेक्सिको की करेंसी भारतीय रुपए से मजबूत, जानें अर्थव्यवस्था का पूरा हाल

Mexico Gen z Protests: मेक्सिको में जेन जेड ने प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद मेक्सिको की मुद्रा पेसो भारतीय रुपये से मजबूत है। एक पेसो 4.84 रुपये के बराबर है। अन्य देशों में भी पेसो का उपयोग होता है।

रंजन कुमार

Mexican Currency Peso: मेक्सिको में बढ़ती हिंसा के खिलाफ जेनरेशन जेड के बैनर तले हजारों लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया है। मेक्सिको में लंबे समय से अर्थव्यवस्था संकट है। इसके नतीजे में बेरोजगारी भी काफी बढ़ी है।

बहरहाल, बात करते हैं मेक्सिको की करेंसी की। इसकी करेंसी को पेसो कहा जाता है। पेसो पहली बार 1863 में पुराने स्पेनिश औपनिवेशिक रियल की जगह पेश हुआ था। मैक्सिकन पेसो को 100 सेंटावोस में बांटा जाता है।

पेसो की वैल्यू जानें

मेक्सिकन पेसो भारतीय रुपये के मुकाबले अभी मजबूत है। वर्तमान में 1 मेक्सिकन पेसो 4.84 रुपये के बराबर है। 1 भारतीय रुपया 0.21 मेक्सिकन पेसो के बराबर है। अन्य देशों में भी करेंसी के लिए पेसो शब्द इस्तेमाल होता है। इनमें अर्जेंटीना, चिली, कोलंबिया, क्यूबा, डोमिनिकन रिपब्लिक, फिलीपींस, उरुग्वे शामिल हैं।

किस-किस वैल्यू के होते हैं नोट?

मेक्सिको में मौजूद समय में पेसो के 6 तरह के नोट चलन में हैं। इनमें 20, 50, 100, 200, 500 और 1000 के नोट शामिल हैं। बता दें, वहां के केंद्रीय बैंक को बैंक ऑफ मेक्सिको कहा जाता है। बैंक ऑफ मेक्सिको ही नोट जारी करता है।

मेक्सिको की इकोनॉमी का हाल

मेक्सिको बड़ी और डेवलपिंग मिक्स्ड इकोनॉमी वाला देश है। यह अपनी बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधनों और मजबूत व्यापारिक संबंधों के बल पर दुनिया की 13वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी हुई है। हाल के वर्षों में सर्विस, इंडस्ट्री और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था ने ग्रोथ दिखाई है। वैसे, इसने अपनी क्षमता की तुलना में धीमी ग्रोथ के दौर भी देखे हैं।

आंदोलन की स्थिति भी जान लें

प्रदर्शनकारियों ने मेक्सिको सिटी में राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम के निवास नेशनल पैलेस को घेरकर तोड़फोड़ की है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में कई जगह हिंसक झड़पें हुईं। झड़पों में पुलिस अधिकारियों समेत 100 लोग घायल हो गए। शिनबाम ने दावा किया कि ये प्रदर्शन उनके दल मोरेना का विरोध करने वाले दक्षिणपंथी नेताओं की ओर से वित्त पोषित थे। इन प्रदर्शनों का तात्कालिक कारण 1 नवंबर को मिचोआकन राज्य के उरुआपान शहर के मेयर कार्लोस अल्बर्टो मांज़ो रोड्रिगेज़ की हत्या थी। रोड्रिगेज ने प्रदेश में नशीले पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इससे वे अपराधियों के निशाने पर आ गए थे।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत; 10 टन राहत सामग्री भेजी, देखें लिस्ट

चीन में अजित डोभाल का बड़ा दांव, भारत-चीन सीमा वार्ता में 8 मुद्दों पर बनी बात, LAC पर शांति के लिए बड़ा कदम

मणिपुर दहलाने की साजिश नाकाम, 13 उग्रवादी गिरफ्तार, रॉकेट-ग्रेनेड से लैंडमाइन तक बड़े हथियार बरामद

तिब्बत में बाढ़ से तबाही, सद्गुरु के कैलाश यात्रा ग्रुप के लोग फंसे; 77 इमिग्रेशन सेंटर पर, देखें VIDEO

Explainer: नेपाल में अचानक क्यों आई भारी तबाही, क्या है वो असली वजह; जिसने तबाह की सैकड़ों जिंदगियां